लखनउ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने राज्य के मेडिकल कालेजों में दाखिले के लिए होने वाली संयुक्त प्रवेश परीक्षा (सी.पी.एम.टी.) का पर्चा लीक हो जाने के मामले को गंभीरता से लेते हए इसकी उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिये है.
एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, ’’मुख्यमंत्री ने पेपर लीक मामले की जांच के लिए मुख्य सचिव आलोक रंजन को उच्चस्तरीय समिति गठित करने के निर्देश दिये हैं.’’ मुख्यमंत्री ने परीक्षाओं की पवित्रता बनाये रखने के निर्देश देते हुए कहा है कि छात्रों के भविष्य से खिलवाड करने वालों के विरुद्व सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.
इस बीच,भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने इस प्रकरण की सीबीआई जांच की मांग करते हुए सवाल किया है कि प्रश्नपत्रों के बक्शे किसके आदेश पर बैंको के सीसीटीवी रहित ’स्ट्रांग रुम’’ रखे गये थे ,जबकि उन्हे सरकारी ट्रेजरी (कोषागार) के स्ट्रांग रुम में रखने का नियम है.
बाजपेयी ने यह भी मांग की है जब यह परीक्षा दोबारा करायी जाए तो परीक्षार्थियों आने जाने और खाने रहने की व्यवस्था सरकार की तरफ से करायी जानी चाहिए.
