।। हरीश तिवारी ।।
लखनऊ : अपनी गंगा जमुना तहजीब के कारण मशहूर लखनऊ में रविवार को धार्मिक भाई चारे की अनूठी तस्वीर देखने को मिलेगी. जहां शहर के प्रसिद्ध मनकामेश्वर मंदिर की तरफ से मुस्लिम धर्म के लोगों को इफ्तार पार्टी दी जा रही है. इस पार्टी में शहर के जाने माने लोग शामिल होंगे.
अभी कुछ दिन पहले अयोध्या के मंदिर में मुस्लिमों को एक इफ्तार पार्टी दी गयी थी. जिसकी चर्चा पूरे देश में हुई. इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए लखनऊ के सबसे पुराने शिव मंदिरों में एक मनकामेश्वर मंदिर की तरफ से पहली बार इफ्तार पार्टी का आयोजन किया जा रहा है.यह कार्यक्रम रविवार शाम को होगा. इसमें शहर के सभी नामी गिरामी लोग शामिल होंगे. इस इफ्तार का आयोजन गोमती नदी के किनारे स्थित मनकामेश्वर मंदिर के उपवन घाट पर होगा, जहां मंदिर की पहली महिला पुजारी दिव्यागिरी शाम को गोमती आरती करती हैं.
इस इफ्तार पार्टी के आयोजन के लिए मंदिर की तरफ से तीन बावर्ची और उनके हेल्पर को लगाया गया है जो इसमें जुटने वाले करीब 500 से ज्यादा लोगों के लिए इफ्तार की तैयारी में जुट जाएंगे. मंदिर की पहली महिला पुजारी महंत देव्यागिरि ने बताया, रोजेदारों को कॉफी, ब्रेड कटलेट, केला, प्याज और आलू के कटलेट, मिठाई, चावल की खट्टी-तीखी डिश, फल और दूसरे व्यंजन परोसे जाएंगे.
इस कार्यक्रम मंदिर की तरफ से शिया और सुन्नी समुदाय के सभी वरिष्ठ मौलवियों को आमंत्रित किया है. हमें उम्मीद है कि यह इफ्तार ऐतिहासिक होगा और शहर की गंगा-जमुना तहजीब को फिर से बहाल करेगा.
चार जून को जहां अयोध्या में विवादित स्थल के बगल में स्थित 500 साल पुराने सरयू कुंज मंदिर में भी मुस्लिमों के लिए इफ्तार का आयोजन हुआ था. यह आयोजन अयोध्या के हिंदू-मुस्लिम भाईचारे और शांति के प्रतीक के रूप में किया गया था. वहीं देवबंद की तरफ से सुन्नी संप्रदाय की इफ्तार पार्टी में शिया संप्रदाय के लोगों को बुलाने पर परहेज करने का फतवा दिया गया था.
लखनऊ में आयोजित होने वाली पार्टी पर मनकामेश्वर की महंत देव्यागिरि ने मंदिर ने कहा कि मंदिर प्रागैतिहासिक काल में अस्तित्व में आया था और लक्ष्मण जी मंदिर में पूजा-पाठ करते थे. ऐसी मान्यता है कि यहां आने वाले हर भक्त की मुराद पूरी होती है.
