लखनऊ : उत्तर प्रदेश सरकार अगले पांच साल के दौरान 10,700 मेगावाट बिजली के उत्पादन का लक्ष्य हासिल करने के लिये 6,000 सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करेगी राज्य के अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत मंत्री बृजेश पाठक ने आज यहां ‘भाषा’ से बातचीत में बताया कि प्रदेश सरकार ने अगले पांच साल के दौरान 10,700 मेगावाट बिजली के उत्पादन का लक्ष्य रखा है. इसे हासिल करने के लिये राज्य में करीब 6,000 सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किये जायेंगे. इस क्षेत्र में जिस तरह निवेशकों ने दिलचस्पी दिखायी है, उसके मद्देनजर प्रदेश का वैकल्पिक ऊर्जा विभाग पूरे देश में अव्वल होगा.
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में सौर ऊर्जा की क्षमता 22,300 मेगावाट है. राज्य सरकार अपनी बिजली संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिये पूरी क्षमता का इस्तेमाल करना चाहती है. केंद्रीय नवीन एवं अक्षय ऊर्जा मंत्रालय ने प्रदेश के लिये 10,700 मेगावाट का लक्ष्य तय किया है. पाठक ने बताया कि वर्ष 1985 में वैकल्पिक ऊर्जा विभाग के गठन के बाद से इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया. मगर अब प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार के गठन के बाद इस महकमे को वाजिब तवज्जो दी जा रही है.
सरकार ने वैकल्पिक ऊर्जा को लेकर अपनी नयी नीति की घोषणा की है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सौर बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देना शुरू किया है. अब अगर कोई व्यक्ति अपने घर पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाता है तो उसे विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र नहीं लेना होगा. नये सोलर पैनल को इस तरह बनाया गया है कि वे 25 साल तक बिजली देंगे. पाठक ने कहा कि राज्य सरकार ने अब सौर बिजली को ऊर्जा का वैकल्पिक स्रोत मानने के बजाय उसे मुख्यधारा का स्रोत माना है.
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