भाजपा सांसद नेपाल सिंह ने मांगी माफी, कहा था - ''सेना के जवान हैं तो जान तो जायेगी ही''

लखनऊ : उत्तर प्रदेश के रामपुर सीट से भाजपा सांसद नेपाल सिंह ने भारतीय सेना पर दिये अपने बेतुके बयान पर माफी मांग ली है. उन्‍होंने कहा कि वे भारतीय सेना कीकाफी इज्‍जत करते हैं. उनके बयान को दूसरे ढंग से लिया गया. उन्‍होंने कहा किमैंने जवानों को और अधिक सुरक्षा मुहैया कराने की बात […]

लखनऊ : उत्तर प्रदेश के रामपुर सीट से भाजपा सांसद नेपाल सिंह ने भारतीय सेना पर दिये अपने बेतुके बयान पर माफी मांग ली है. उन्‍होंने कहा कि वे भारतीय सेना कीकाफी इज्‍जत करते हैं. उनके बयान को दूसरे ढंग से लिया गया. उन्‍होंने कहा किमैंने जवानों को और अधिक सुरक्षा मुहैया कराने की बात कही. नेपाल सिंह ने पूर्व के बयान में कहा था कि सेना के जवान मरते ही हैं. सभी जगहों पर मरते हैं.

नेपाल सिंह ने कहा, ‘मैंने सेना के लिए कोई अपमान की बात नहीं की. मुझे शहीदों के लिए दुख है, मैं माफी मांगता हूं. पर मैंने ऐसा कुछ नहीं कहा.’

नेपाल सिंह ने आगे कहा, ‘मैंने ये बोला था कि वैज्ञानिक लगे हुए हैं और कोई डिवाइस ढूंढ रहे हैं कि कोई गोली आये तो लगे नहीं, सिपाही का प्रोटेक्‍शन हो जाए.’

उत्तर प्रदेश के रामपुर से बीजेपी सांसद नेपाल सिंह ने देश के जवानों की शहादत को लेकर बेतुका बयान दिया था, जिसके बाद उनकी आलोचना हो रही है. उन्होंने कहा, ‘सेना के जवान हैं तो जान तो जायेगी ही.’ समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार नेपाल सिंह ने कहा, ‘ये तो रोज मरेंगे आर्मी में, कोई ऐसा देश है जहां आर्मी का आदमी न मरता हो झगड़े में? गांव में भी झगड़ा होता है तो एक न एक घायल होगा ही.’

नेपाल सिंह ने उल्‍टे मीडिया से सवाल किया, ‘कोई ऐसी डिवाइस बताओ, जिससे आदमी न मरे? ऐसी चीज बताओ कि गोली काम न करे, उसे करवा दें.’

आपको बता दें कि नये साल के आगमन से ठीक पहले ऑपरेशन ऑल आउट से बौखलाये फिदायीन आतंकियों ने जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में पठानकोट एयरबेस की तर्ज पर बड़ा हमला किया. सीआरपीएफ के ट्रेनिंग सेंटर में रविवार की रात करीब दो बजे घुसे आतंकियों ने फायरिंग शुरू की, जिसमें पांच जवान शहीद हो गये, जबकि तीन अन्‍य घायल हो गये. हमले के बाद जवानों ने तुरंत मोर्चा संभाला और मुठभेड़ शुरू हो गयी.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >