अखिलेश यादव से आशुतोष रांका की डेढ़ घंटे की मुलाकात, यूपी में नए सियासी समीकरण की चर्चा तेज

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका की लखनऊ में हुई लंबी मुलाकात ने 2027 के यूपी विधानसभा चुनावों के लिए नई सियासी चर्चाओं को जन्म दिया है. दोनों नेताओं के बीच छात्रों, युवाओं और रोजगार जैसे मुद्दों पर बातचीत हुई, जिससे भविष्य में गठबंधन की अटकलें तेज हो गई हैं.

UP Assembly Election 2027 : उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. राजनीतिक दल जहां अपने-अपने समीकरण साधने में जुटे हैं, वहीं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका की मुलाकात ने नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है. लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में दोनों नेताओं के बीच करीब डेढ़ घंटे तक बंद कमरे में बातचीत हुई. मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में सवाल उठने लगे हैं कि क्या सपा और सीजेपी भविष्य में छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर साथ आ सकते हैं. हालांकि, दोनों दलों की ओर से किसी तरह के राजनीतिक गठबंधन या चुनावी तालमेल को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गयी है.

सपा मुख्यालय में हुई लंबी मुलाकात

गुरुवार को लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी के मुख्यालय में अखिलेश यादव और आशुतोष रांका की मुलाकात हुई. बताया जा रहा है कि इस दौरान रांका के साथ उनके सात सहयोगी भी मौजूद थे. दोनों पक्षों के बीच करीब डेढ़ घंटे तक विभिन्न मुद्दों पर बातचीत हुई. सीजेपी प्रवक्ता की ओर से दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए पार्टी के आंदोलन के दौरान समाजवादी पार्टी के सांसदों और नेताओं के सहयोग के लिए अखिलेश यादव का आभार जताया गया. इस आंदोलन में सपा सांसद डिंपल यादव समेत पार्टी के कई नेता शामिल हुए थे. हालांकि, बैठक के बाद अखिलेश यादव और आशुतोष रांका की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया.

सपा ने कहा- राजनीतिक मुद्दे पर नहीं हुई बातचीत

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सपा के प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने कहा की आशुतोष रांका, अखिलेश यादव से आभार व्यक्त करने के लिए मिले थे. उन्होंने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर जब देशभर के नौजवान अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, तब समाजवादी पार्टी ने सड़क से लेकर सदन तक युवाओं की आवाज उठायी. उन्होंने कहा कि डिंपल यादव समेत सपा के कई नेताओं ने युवाओं के मुद्दों को मजबूती से उठाया. इसी सिलसिले में सीजेपी के नेता अखिलेश यादव से मिलने पहुंचे थे. सपा प्रवक्ता ने दावा किया कि मुलाकात में किसी राजनीतिक विषय पर चर्चा नहीं हुई.

शिक्षा, रोजगार और युवाओं के मुद्दे पर चर्चा

आशुतोष रांका और सीजेपी पिछले कुछ समय से छात्रों, प्रतियोगी परीक्षाओं, रोजगार और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर सक्रिय हैं. नीट पेपर लीक से लेकर सरकारी स्कूलों की स्थिति तक कई मुद्दों पर पार्टी की ओर से आवाज उठायी गयी है. वहीं, समाजवादी पार्टी भी बेरोजगारी, पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था को लेकर योगी सरकार पर लगातार हमला करती रही है. अखिलेश यादव कई मौकों पर स्कूलों के बंद होने और प्राथमिक शिक्षा की स्थिति को लेकर सरकार को घेर चुके हैं. ऐसे में दोनों पक्षों की मुलाकात को छात्र और युवा मुद्दों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

Gen-Z वोटरों पर भी नजर?

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए युवा और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है. अखिलेश यादव भी लगातार युवाओं और नयी पीढ़ी से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक विमर्श में जगह देते रहे हैं. सीजेपी का 'स्कूल ठीक करो अभियान' और सपा का पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक यानी पीडीए सामाजिक समीकरण अलग-अलग राजनीतिक आधारों पर काम करते हैं. ऐसे में शिक्षा, रोजगार और छात्र हित जैसे मुद्दों पर दोनों के सुर एक जैसे दिखाई देने लगे हैं. राजनीतिक जानकारों की नजर अब इस बात पर है कि आने वाले दिनों में क्या दोनों संगठन किसी साझा मंच पर दिखाई देते हैं या यह मुलाकात महज शिष्टाचार और आभार व्यक्त करने तक सीमित रहती है.

रांका पर हमले के बाद अखिलेश ने उठाया था मुद्दा

आशुतोष रांका पिछले कुछ महीनों से छात्रों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर सक्रिय रहे हैं. पिछले महीने राजस्थान में 'स्कूल ठीक करो' अभियान के दौरान रांका पर कथित तौर पर हमला होने की बात सामने आयी थी. इस घटना के बाद अखिलेश यादव ने भी इस मुद्दे को सार्वजनिक रूप से उठाया था. ऐसे में दोनों नेताओं की हालिया मुलाकात को इस पूरे घटनाक्रम से जोड़कर भी देखा जा रहा है.

गठबंधन पर अभी तस्वीर साफ नहीं

अखिलेश यादव और आशुतोष रांका की मुलाकात के बाद सपा और सीजेपी के बीच संभावित राजनीतिक तालमेल को लेकर अटकलें जरूर तेज हुई हैं, लेकिन फिलहाल किसी औपचारिक गठबंधन की घोषणा नहीं हुई है.सपा के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने भी दोनों नेताओं की मुलाकात की पुष्टि की है. हालांकि, बैठक में क्या तय हुआ और क्या आने वाले समय में दोनों पक्ष किसी बड़े राजनीतिक मंच पर साथ नजर आएंगे, इसको लेकर अभी आधिकारिक तौर पर कुछ स्पष्ट नहीं है. ऐसे में यह मुलाकात फिलहाल युवा, छात्र, शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों पर संभावित सहयोग की एक शुरुआत के तौर पर देखी जा रही है. आने वाले महीनों में यूपी की राजनीति में इस मुलाकात का असर कितना दिखाई देता है, इस पर सभी की नजर रहेगी.

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By रवि रंजन कुमार

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