मस्जिदों से 55 से ज्यादा लाउडस्पीकर हटाए गए, जानें वजह

Loudspeakers Removed from Mosques : मुजफ्फरनगर से एक बड़ी खबर आ रही है. यहां नियमों के उल्लंघन के आरोप में मस्जिदों से 55 से ज्यादा लाउडस्पीकर हटाए गए हैं.

Loudspeakers Removed from Mosques : मुजफ्फरनगर में पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित ध्वनि सीमा के उल्लंघन के आरोप में विभिन्न मस्जिदों से 55 से ज्यादा लाउडस्पीकर हटवाए हैं. अधिकारियों ने बुधवार को न्यूज एजेंसी पीटीआई को जानकारी  दी. पुलिस के अनुसार सिविल लाइंस, कोतवाली और खालापार पुलिस थाना क्षेत्रों में मौजूद मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटा दिए गए.

पुलिस क्षेत्राधिकारी (नगर) सिद्धार्थ मिश्रा ने बताया कि अधिकारियों ने मस्जिदों, मंदिरों और गुरुद्वारों की देखभाल करने वाले लोगों को लाउडस्पीकर के इस्तेमाल के संबंध में सुप्रीम कोर्ट और सरकार द्वारा जारी निर्देशों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है. उन्होंने कहा कि जारी अभियान का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि सभी मौजूदा लाउडस्पीकर तय ध्वनि सीमा के अंदर ही इस्तेमाल किए जाएं.

प्रभात खबर पॉडकास्ट में रवि शास्त्री 7 दिसंबर को

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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