कौशाम्बी पटाखा फैक्ट्री हादसे में अब तक 11 मौतें, घायलों का अस्पताल में इलाज जारी, सात पुलिसकर्मी निलंबित

कौशाम्बी में एक पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट ने इलाके को दहला दिया. इस दर्दनाक हादसे में तीन लोगों की जान चली गई और आठ अन्य घायल हो गए. धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि यह दो किलोमीटर दूर तक सुनाई दी, जिससे लोगों में अफरातफरी मच गई.

Prayagraj firecracker factory blast : कौशाम्बी में सोमवार को पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट में मृतकों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है. धमाका इतना जोरदार था कि करीब दो किलोमीटर दूर तक इसकी आवाज सुनाई दी. हादसे में कई लोग घायल हुए हैं, जिन्हें प्रयागराज के स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल (एसआरएन) में भर्ती कराया गया है. गंभीर घायलों का आईसीयू और बर्निंग यूनिट में इलाज चल रहा है.

दो किलोमीटर दूर तक लोगों को लगा, मिसाइल फट गई

पटाखा फैक्ट्री में धमाका इतना जोरदार था कि घटनास्थल से करीब दो किलोमीटर दूर लोगों को लगा कि मानो कोई मिसाइल फट गई हो. धमाके की आवाज सुनकर प्रयागराज की सीमा पर बसे गांवों के लोग घटनास्थल की तरफ दौड़ पड़े. चारों तरफ चीख-पुकार मच गई. स्थानीय लोग फावड़े लेकर मलबा हटाने में जुट गए. घायलों को निकालकर चारपाई पर लादा गया और पिकअप से अस्पताल पहुंचाया गया.

धमाके से कांप उठी स्कूल की बिल्डिंग

बेगम सराय निवासी बैंककर्मी राकेश कुमार घटना के समय अपने बच्चे के स्कूल में पैरेंट्स मीटिंग में गए थे. उन्होंने बताया कि स्कूल घटनास्थल से करीब दो किलोमीटर दूर है. पटाखा फैक्ट्री में धमाके की आवाज से स्कूल की इमारत कांप उठी. बच्चे, अभिभावक और शिक्षक सहम गए. इसके बाद लोग अपना काम छोड़कर फैक्ट्री की ओर मदद के लिए दौड़ पड़े. म्योहर क्षेत्र में अपने रिश्तेदार के यहां रुके चित्रकूट निवासी सर्वेश कुमार ने बताया कि सुबह खाना खाने के बाद वह आराम कर रहे थे. इसी दौरान एक के बाद एक कई जोरदार धमाके हुए. धमाका इतना तेज था कि लगा जैसे कोई प्लेन आकर घर के बगल में गिर गया हो. घर से बाहर निकले तो आसमान धुएं और धूल के गुबार से भरा था. घटनास्थल पर पहुंचे तो वहां का दृश्य देखकर सहम गए. जहां पहले बस्ती थी, वहां मलबा और खंडहर नजर आ रहे थे.

त्योहार मनाने मायके आई थी सुधा, अब परिवार में मातम

पंचायती राज विभाग में सफाई कर्मी के पद पर तैनात धरवारा निवासी सुधा का मायका म्योहर बस्ती के पास है. वह अपनी बेटी पिहू को लेकर त्योहार मनाने मायके आई थी. सुबह ड्यूटी पर जाने के लिए निकलने से पहले वह सड़क पर रुककर परिवार से बात कर रही थी. इसी दौरान विस्फोट हो गया. हादसे में पिहू जिंदगी और मौत से जूझ रही है, जबकि उसके भाई मंजीत के दो बच्चों की जान चली गई. घटना के बाद परिवार में मातम छा गया.

ओवरहेड तार टूटने से थमे ट्रेनों के पहिए

म्योहर के समीप पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट के बाद प्रयागराज-कानपुर रेलखंड पर ओवरहेड इक्विपमेंट (ओएचई) टूट गया. तार टूटकर ट्रैक पर गिरने से अप और डाउन दोनों लाइनों पर ट्रेनों का संचालन पूरी तरह ठप हो गया. इसके चलते वंदे भारत एक्सप्रेस समेत आठ प्रमुख ट्रेनें विभिन्न स्टेशनों और आउटर पर फंसी रहीं. इससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.

सक्रिय हुई मेडिकल टीम, घायलों की निगरानी में लगा अस्पताल

कौशाम्बी में पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण धमाके के बाद घायलों को प्रयागराज के स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय लाया गया. हादसे के बाद कुल पांच घायलों को एसआरएन अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इनमें से तीन की रास्ते में ही मौत हो गई. मृतकों में 35 वर्षीय व्यक्ति के साथ 13 वर्षीय राकेश और पांच वर्षीय जयकिशन शामिल हैं. बाकी घायलों को एसआरएन के ट्रॉमा सेंटर से तत्काल बर्निंग यूनिट में ले जाया गया. गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें आईसीयू में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया. हादसे की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में तीमारदार अस्पताल पहुंचे. बर्निंग यूनिट के बाहर परिजन अपनों की सलामती की खबर का इंतजार करते रहे. कई परिजन रोते-बिलखते नजर आए.

अब तक 11 लोगों की मौत

मृतकों की संख्या बढ़कर अब 11 हो गई है जिनमे प्रियंजलि (5), प्रवीण सिंह (13), जान्हवी (12), आदित्य (12) रवि (8), ज्ञान सिंह (40), आदित्य (8), विक्रम सरोज (35), अंजू (32), अंश (6),और नन्हा (4) शामिल है.

ब्लास्ट के बाद सात पुलिसकर्मी निलंबित

विस्फोट के बाद पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई हुई है. घटना के समय पिपरी थाने की चायल चौकी के प्रभारी और तत्कालीन थाना प्रभारी समेत सात पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है. निलंबित पुलिसकर्मियों में निरीक्षक शिवचरण राम, उपनिरीक्षक विकास सिंह, उपनिरीक्षक विनय सिंह, उपनिरीक्षक अजीत कुमार सिंह, उपनिरीक्षक अभिषेक गुप्ता, उपनिरीक्षक मनीष पाल और उपनिरीक्षक अमित द्विवेदी शामिल हैं.

बर्न यूनिट में शुरू हुआ इलाज

धमाके में घायल लोगों को एसआरएन अस्पताल पहुंचते ही चिकित्सीय निगरानी में लिया गया. ट्रॉमा सेंटर में प्राथमिक उपचार के बाद घायलों को बर्निंग यूनिट में शिफ्ट किया गया. गंभीर स्थिति को देखते हुए आईसीयू में भर्ती कर डॉक्टरों की टीम ने इलाज शुरू किया. अस्पताल में घायलों की हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है.

मेडिकल टीम सक्रिय हो गई

हादसे की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि घायलों के अस्पताल पहुंचते ही मेडिकल टीम सक्रिय हो गई. ट्रॉमा सेंटर और अस्पताल परिसर में मौजूद परिजन लगातार अपने अपनों की हालत जानने के लिए डॉक्टरों और अस्पताल कर्मियों से जानकारी लेते रहे. किसी को अपने परिवार के सदस्य की चिंता थी, तो कोई हादसे की खबर सुनकर अस्पताल पहुंचा था.

घर में खेल रहे थे बच्चे और हो गया धमाका

हादसे के बाद एसआरएन पहुंचे हरीशचंद्र ने बताया कि उनकी बहन और उनके परिवार के बच्चे धमाके की चपेट में आ गए. हादसे की जानकारी मिलने के बाद वह तुरंत मौके पर पहुंचे. वहां का दृश्य देखकर वह कांप उठे. हादसे में परिवार के सदस्यों की मौत की खबर ने पूरे परिवार को तोड़ दिया. अस्पताल में मौजूद दूसरे तीमारदार भी अपने रिश्तेदारों के इलाज और उनकी स्थिति की जानकारी का इंतजार करते रहे. किसी को डॉक्टरों से अच्छी खबर मिलने की उम्मीद थी, तो कोई अपनों को खोने के गम में था. अस्पताल परिसर में देर तक परिजनों की भीड़ और चिंता का माहौल बना रहा.

तीमारदारों ने बताया दर्द

भव प्रसाद साहू : मेरी पत्नी और दो बच्चे बुरी तरह झुलसे हैं. फिलहाल उम्मीद के साथ उनका उपचार करा रहा हूं. मैं मार्केट में था, तभी धमाका हुआ.

मनोज कुमार : धमाके से सब सूनसान सा हो गया. इलाज की व्यवस्था को लेकर चिंता हुई. डॉक्टर इलाज कर रहे हैं और हम बाहर उनकी अच्छी खबर का इंतजार कर रहे हैं.

रवि कुमार : मेरे रिश्तेदार हादसे में घायल हुए हैं. हमें एसआरएन लाया गया है और फिलहाल डॉक्टर उनका इलाज कर रहे हैं. हम उनके ठीक होने की उम्मीद कर रहे हैं.

हरीश सिंह : मेरी बहन और उनके तीन बच्चों की इस धमाके में मौत हो गई. ये घर में खेल रहे थे, तभी धमाका हुआ. हमें जैसे ही खबर मिली, हम यहां पहुंचे, लेकिन सब खत्म हो चुका था.

घायलों का हाल लेने एसआरएन पहुंचे डिप्टी सीएम

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य म्योहर स्थित सहकारी गांव की पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट में घायल लोगों को देखने स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय पहुंचे. उन्होंने हर घायल से मिलकर उनका कुशलक्षेम पूछा. उन्होंने घायलों के बेहतर इलाज के लिए हर संभव व्यवस्था करने का निर्देश दिया. कहा कि घायलों के इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और सभी को अच्छे से अच्छी दवा उपलब्ध कराई जाए. उप मुख्यमंत्री ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि जनहानि पीड़ादायक है. उन्होंने शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना जतायी और मृतात्माओं की शांति तथा शोकाकुल परिजनों को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति मिलने की प्रार्थना की. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पीड़ितों के साथ खड़ी है.

पेड़ों के उड़े चीथड़े, परिंदों की गई जान

म्योहर स्थित पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट से आसपास के इलाके में युद्ध जैसी स्थिति मच गई. फैक्ट्री के आसपास स्थित आम, नीम आदि के पेड़ों के चीथड़े उड़ गए. दिल्ली रोड की पट्टी फट गई, वहीं पेड़ों की डालियां धराशायी हो गईं. इन पेड़ों पर बसेरा बनाने वाले पक्षियों और कबूतरों समेत सैकड़ों पक्षियों की भी जान चली गई. घटना के बाद आसपास पक्षियों के शव बिखरे पड़े थे.

Also Read : जिन बच्चों के हाथों में किताबें नहीं थीं, उन्हें बनाया प्रतियोगी परीक्षाओं का सितारा, अब शिक्षिका को मिलेगा राज्य पुरस्कार

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By रवि रंजन कुमार

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >