UP News: कानपुर के चर्चित कारोबारी विनीत मनोचा हत्याकांड में बुधवार को आरोपी बहू शालू समेत विशाल और राजकिशोर की कोर्ट में पेशी हुई. जेल जाने के बाद पहली बार कैमरों के सामने आईं शालू मीडिया से अपना चेहरा छिपाती नजर आईं. पुलिस ने तीनों आरोपियों की कस्टडी रिमांड के लिए अदालत में अर्जी दी थी. हालांकि, अधिवक्ताओं की हड़ताल के चलते रिमांड पर सुनवाई नहीं हो सकी. अब 19 सितंबर को इस मामले में सुनवाई होगी.
जेल से कोर्ट पहुंचीं शालू, कैमरों से बचाती रहीं चेहरा
विनीत मनोचा हत्याकांड के बाद से शालू जेल में हैं. बुधवार को उन्हें अन्य आरोपियों के साथ कोर्ट लाया गया. इस दौरान मीडिया के कैमरे भी मौजूद थे. शालू जैसे ही कैमरों की नजर में आईं, उन्होंने अपना चेहरा छिपाना शुरू कर दिया. जेल जाने के बाद यह पहली बार था, जब उनकी तस्वीरें और वीडियो सामने आए.
रिमांड की अर्जी, लेकिन नहीं हो सकी सुनवाई
पुलिस ने शालू, विशाल और राजकिशोर की कस्टडी रिमांड के लिए कोर्ट में आवेदन दिया था. पुलिस इनसे हिरासत में पूछताछ करना चाहती है. आरोपियों को इसी सिलसिले में अदालत में पेश किया गया. लेकिन अधिवक्ताओं की हड़ताल के कारण दूसरे पक्ष के वकील सुनवाई के लिए नहीं पहुंच सके. इसके चलते रिमांड अर्जी पर सुनवाई टल गई.अबअदालत इस मामले में 19 सितंबर को सुनवाई करेगी.
जेल में पूछताछ के बाद पुलिस ने मांगा रिमांड
पुलिस इससे पहले मजिस्ट्रेट की अनुमति लेकर जेल में आरोपियों से पूछताछ कर चुकी है. जांच के दौरान शालू के पति सुब्रत से भी करीब दो घंटे तक पूछताछ हुई थी. पुलिस ने पूछताछ के दौरान सामने आए तथ्यों और जांच में मिली जानकारी के आधार पर आरोपियों की कस्टडी रिमांड मांगी है.
आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करना चाहती है पुलिस
पुलिस की जांच अब आरोपियों के बयानों की कड़ियां जोड़ने पर केंद्रित है. रिमांड मिलने के बाद पुलिस शालू, विशाल, राजकिशोर और सुब्रत को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करना चाहती है. पूछताछ के दौरान पुलिस अलग-अलग बयानों का मिलान करेगी. इससे यह समझने की कोशिश होगी कि वारदात से पहले और उसके बाद घटनाक्रम किस तरह आगे बढ़ा.
चाबी बनाने वाली दुकान समेत कई जगहों पर ले जाने की तैयारी
पुलिस सिर्फ पूछताछ तक सीमित नहीं रहना चाहती. रिमांड मिलने के बाद आरोपियों को उन जगहों पर भी ले जाया जा सकता है, जहां वे हत्या से पहले गए थे. इनमें चाबी बनाने वाली दुकान समेत दूसरे स्थान शामिल हैं. पुलिस इन जगहों से मिले तथ्यों को आरोपियों के बयानों से मिलाएगी.
19 सितंबर को तय होगी आगे की दिशा
फिलहाल पुलिस को कस्टडी रिमांड के लिए अदालत के फैसले का इंतजार है. बुधवार को अधिवक्ताओं की हड़ताल के कारण सुनवाई नहीं हो सकी. अब 19 सितंबर की सुनवाई पर सबकी नजर है. रिमांड मंजूर होने के बाद पुलिस की जांच में पूछताछ और घटनाक्रम से जुड़ी कड़ियों को जोड़ने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी.
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