जिन बच्चों के हाथों में किताबें नहीं थीं, उन्हें बनाया प्रतियोगी परीक्षाओं का सितारा, अब शिक्षिका को मिलेगा राज्य पुरस्कार

कानपुर की सहायक अध्यापक डॉ. कामायनी शर्मा को उनके असाधारण प्रयासों के लिए राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए चुना गया है. उन्होंने ग्रामीण बच्चों को शिक्षा से जोड़कर प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार किया है.

State Teacher Award : ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को खेत-खलिहान से निकालकर स्कूल तक पहुंचाने और उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने वाली कानपुर की सहायक अध्यापक डॉ. कामायनी शर्मा को राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए चुना गया है. पांच सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर लखनऊ में आयोजित समारोह में उन्हें यह पुरस्कार दिया जाएगा.

ककवन के स्कूल में पढ़ते हैं 300 विद्यार्थी

शहर से दूर ककवन ब्लॉक के औरोंतहारपुर गांव स्थित पीएम श्री संविलियन विद्यालय में वर्तमान में करीब 300 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं. स्कूल में पढ़ने वाले कई बच्चे पहले अपने स्वजन के साथ खेत-खलिहान जाया करते थे. डॉ. कामायनी शर्मा ने अभिभावकों को शिक्षा का महत्व समझाया और बच्चों का स्कूल में नामांकन कराया.

घर-घर जाकर चलाया जागरूकता अभियान

डॉ. कामायनी शर्मा बताती हैं कि गांव के लोग बच्चों को शिक्षा दिलाने के लिए जागरूक नहीं थे. ऐसे में उन्होंने घर-घर जाकर जागरूकता अभियान चलाया. धीरे-धीरे बच्चों का नामांकन बढ़ना शुरू हुआ. इसके बाद बच्चों को राष्ट्रीय आविष्कार विज्ञान, राष्ट्रीय आय एवं योग्यता परीक्षा समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई गई. मेहनत का परिणाम यह रहा कि बच्चों ने प्रतियोगी परीक्षाओं में अपनी मेधा दिखाई.

2019 में सामने आई चुनौती

वर्ष 2019 में पहली बार बच्चों को पांच दिन के लिए किदवई नगर में आयोजित मीना मंच की कार्यशाला में जाना था. अभिभावक बच्चों को भेजने के लिए राजी नहीं थे. दूर से आने और सड़क खराब होने के कारण बच्चे समय पर प्रतियोगिता में नहीं पहुंच पाते थे. ऐसे में डॉ. कामायनी शर्मा बच्चों को एक दिन पहले काकादेव एम ब्लॉक स्थित अपने आवास पर ठहराती थीं, ताकि वे समय पर प्रतियोगिता में पहुंच सकें.

कुश्ती में मंडल स्तर पर हासिल की जीत

वर्ष 2019-20 में स्कूल के बच्चों ने कुश्ती में मंडल स्तर पर जीत हासिल की. डॉ. कामायनी शर्मा वर्ष 2017 से इस स्कूल में कार्यरत हैं. उनका विशिष्ट बीटीसी बैच 2004 है और वर्ष 2006 में बेसिक शिक्षा विभाग में उनकी नियुक्ति हुई थी.

साहित्य में भी है गहरी रुचि

डॉ. कामायनी शर्मा ने केमिस्ट्री विषय से एमएमसी की है. इसके अलावा सीएसजेएमयू से हिंदी साहित्य में सुभद्रा कुमारी चौहान पर पीएचडी की है. वह कविता, लेख और कहानी लेखन के साथ साहित्यिक गतिविधियों में भी लगातार सहभागिता करती हैं. उन्होंने काव्य संग्रह और लघु कथा संग्रह में भी योगदान दिया है.

शिक्षक दिवस पर मिलेगा सम्मान

ग्रामीण बच्चों को शिक्षा से जोड़ने, उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने और उनके भीतर प्रतिभा को आगे लाने के प्रयासों के चलते डॉ. कामायनी शर्मा का चयन राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए किया गया है. पांच सितंबर को शिक्षक दिवस पर लखनऊ में आयोजित समारोह में उन्हें सम्मानित किया जाएगा.

Also Read : UPSSSC PET 2026: आवेदन की आज आखिरी तारीख, 10वीं पास के लिए मौका, जानें फीस और उम्र सीमा

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By रवि रंजन कुमार

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >