UP News: कानपुर के कांशीराम अस्पताल में मरीजों के इलाज से जुड़ा लापरवाही का चौंकाने वाला मामला सामने आया है. आरोप है कि इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर की गैरमौजूदगी में एक व्यक्ति डॉक्टर की कुर्सी पर बैठकर मरीजों को देखता रहा और उनके पर्चे पर दवाएं लिखता रहा. इस पूरी घटना का वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया है. मामले में संबंधित डॉक्टर से लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है.
डॉक्टर कोर्ट गए थे, तभी सामने आया मामला
बताया गया कि सोमवार को इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. रामकेश कोर्ट में एविडेंस देने गए थे. इसी दौरान एक व्यक्ति ओपीडी में डॉक्टर की कुर्सी के पास बैठा दिखाई दिया. वीडियो में वह मरीजों से उनकी बीमारी के बारे में जानकारी लेते और इसके बाद पर्चे पर दवाएं लिखते नजर आ रहा है. मरीजों ने जब उससे दवाएं अस्पताल में मिलने के बारे में पूछा तो उसने कथित तौर पर दवाएं बाहर से खरीदने की बात कही. घटना से जुड़ा वीडियो बुधवार दोपहर करीब ढाई बजे सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन हरकत में आया.
डॉक्टर ने बताया- वह व्यक्ति ड्राइवर हो सकता है
कांशीराम अस्पताल के CMS डॉ. पीयूष मिश्रा के मुताबिक, उन्हें सोमवार शाम इस वीडियो की जानकारी मिली थी. इसके बाद मंगलवार सुबह अस्पताल में मामले की जांच कराई गई. हालांकि, उस समय कोई बाहरी व्यक्ति मौके पर नहीं मिला. CMS ने इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. रामकेश से मामले को लेकर पूछताछ की. डॉक्टर ने बताया कि वह कोर्ट में एविडेंस देने गए थे. उनके मुताबिक, वीडियो में मरीजों को दवा लिखता दिखाई दे रहा व्यक्ति संभवत: उनका ड्राइवर देव था.
डॉक्टर से मांगा गया लिखित स्पष्टीकरण
अस्पताल प्रशासन ने डॉ. रामकेश से पूरे मामले में लिखित स्पष्टीकरण मांगा है. CMS का कहना है कि यदि डॉक्टर की ओर से स्पष्टीकरण नहीं दिया जाता है तो मामले में एफआईआर की कार्रवाई की जाएगी. साथ ही अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि भविष्य में डॉक्टर की जगह किसी बाहरी व्यक्ति के मरीज देखने या दवा लिखने का मामला सामने आया तो संबंधित डॉक्टर के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी.
जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई
वीडियो सामने आने के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं. मरीजों को दवा लिख रहा व्यक्ति वास्तव में डॉक्टर का ड्राइवर देव था या कोई और, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी. इसके अलावा उसे डॉक्टर की गैरमौजूदगी में मरीज देखने और दवा लिखने की अनुमति किसने दी, यह भी जांच का विषय है. अस्पताल प्रशासन ने पूरे मामले की जानकारी शासन को देने की बात कही है. अब डॉक्टर के स्पष्टीकरण और जांच रिपोर्ट के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ होगी.
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