UP News: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों को ध्वस्त करने के मामले में सोमवार को मंडलायुक्त न्यायालय में करीब दो घंटे तक सुनवाई हुई. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अंतरिम राहत को बरकरार रखते हुए मामले की अगली सुनवाई 10 अगस्त तय कर दी. तब तक प्रस्तावित ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर रोक जारी रहेगी.
15 जुलाई को जारी हुआ था ध्वस्तीकरण आदेश
रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) ने 15 जुलाई को जौहर यूनिवर्सिटी के 40 में से 38 भवनों को बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्मित बताते हुए उन्हें ध्वस्त करने का आदेश जारी किया था. इसके खिलाफ विश्वविद्यालय प्रबंधन और ट्रस्ट ने मंडलायुक्त न्यायालय में अपील दायर की थी.
दोनों पक्षों ने रखी अपनी दलील
सोमवार को हुई विस्तृत सुनवाई के दौरान विश्वविद्यालय की ओर से ध्वस्तीकरण आदेश को गलत बताते हुए राहत की मांग की गई, जबकि आरडीए ने अपने आदेश को नियमों के अनुरूप बताया. सुनवाई के बाद अदालत ने फिलहाल पहले से लागू अंतरिम रोक को जारी रखने का आदेश दिया.
10 अगस्त को तय होगी आगे की दिशा
अब 10 अगस्त को होने वाली अगली सुनवाई में अदालत दोनों पक्षों की दलीलों और उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर आगे की कार्रवाई पर फैसला करेगी. इस बीच विश्वविद्यालय परिसर में किसी भी भवन को ध्वस्त नहीं किया जाएगा.
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