जिसे गुरु मानती थी वही निकला दरिंदा, झाड़-फूंक के बहाने शिष्य की पत्नी के साथ दुष्कर्म, 65 साल के आरोपी को उम्रकैद

उत्तर प्रदेश के जालौन में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. शिष्य की पत्नी से दुष्कर्म के आरोप में 65 वर्षीय रमाकांत तिवारी को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है. आरोपी झाड़-फूंक के बहाने महिला को नशीली दवा खिलाकर वारदात को अंजाम देता था.

UP News : उत्तर प्रदेश के जालौन में शिष्य की पत्नी से दुष्कर्म के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है. झाड़-फूंक के बहाने महिला को नशीली दवा खिलाकर उसके साथ दुष्कर्म करने के आरोपी 65 वर्षीय रमाकांत तिवारी को एडीजे/विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी कोर्ट, उरई ने दोषी ठहराया. अदालत ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाने के साथ 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है.

गुरु मंत्र देने के बहाने घर पहुंचा था आरोपी

अभियोजन पक्ष के मुताबिक, रमाकांत तिवारी पीड़िता के पति का गुरु था. 2 जून 2023 को वह गुरु मंत्र देने के बहाने महिला के घर पहुंचा था. इसके बाद वह महिला के संपर्क में रहा. आरोप है कि 3 जून को पीड़िता का पति मजदूरी के लिए घर से बाहर गया था. इसी दौरान आरोपी ने बीमारी से परेशान महिला को झाड़-फूंक करने के बहाने कथित तौर पर नशीली दवा खिला दी.

बेहोशी की हालत में दुष्कर्म का आरोप

अभियोजन के अनुसार, नशीली दवा के असर से महिला बेहोश हो गई. आरोप है कि इसी दौरान रमाकांत तिवारी ने उसके साथ दुष्कर्म किया. घटना रात करीब 11:30 बजे की बताई गई. अगले दिन महिला ने अपने पति को पूरी घटना की जानकारी दी. इसके बाद पति के साथ कोतवाली जालौन पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई गई.

पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, आरोपी भेजा गया जेल

शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376 और 328 के अलावा एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2)(V) के तहत मुकदमा दर्ज किया. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया, जिसके आधार पर मामले की सुनवाई शुरू हुई.

गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर दोषी करार

मामले की सुनवाई एडीजे/विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी कोर्ट, उरई के न्यायाधीश सुरेश कुमार गुप्ता की अदालत में हुई. सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष की ओर से दलीलें पेश की गईं. अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का परीक्षण करने के बाद रमाकांत तिवारी को दोषी माना. इसके बाद अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई.

50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया

अदालत ने आरोपी पर अलग-अलग धाराओं में अर्थदंड लगाया, जिसकी कुल राशि 50 हजार रुपये बताई गई है. अदालत के आदेश के मुताबिक, जुर्माना जमा नहीं करने पर आरोपी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा.

ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत हुई पैरवी

पुलिस के अनुसार, एसपी जालौन के निर्देशन में मॉनीटरिंग सेल और कोतवाली जालौन पुलिस ने मामले में ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत प्रभावी पैरवी की. पुलिस और अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए गए. प्रभावी पैरवी के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई. पुलिस ने इसे गंभीर अपराधों में मजबूत अभियोजन और प्रभावी न्यायिक पैरवी का परिणाम बताया है.

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By रवि रंजन कुमार

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