Kashi Vishwanath Mandir सावन के पावन महीने में बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं और कांवरियों की सुविधा हेतु वाराणसी रेलवे स्टेशन पर विशाल होल्डिंग एरिया तैयार किया गया है. कैंट स्टेशन पर यात्रियों के बैठने और ठहरने की उत्तम व्यवस्था की गई है. इसके अतिरिक्त, यात्रियों के सुगम आवागमन को सुनिश्चित करने के लिए रेलवे द्वारा कई विशेष ट्रेनें चलाई गई हैं तथा परिवहन निगम की ओर से विभिन्न प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त बसों का संचालन किया जा रहा है.
दशाश्वमेध घाट के पास अखंड भंडारे का भव्य आयोजन
काशी विश्वनाथ मंदिर के समीप स्थित प्रमुख दशाश्वमेध क्षेत्र में चितरंजन पार्क के पास श्रद्धालुओं के लिए विशाल एवं अखंड भंडारे की शुरुआत की गई है. यह धार्मिक आयोजन पूरे सावन माह के दौरान लगातार जारी रहेगा, जिसमें दूर-दराज से आने वाले सभी शिव भक्तों और कांवरियों को प्रतिदिन दोपहर में सम्मानपूर्वक भोजन प्रसाद वितरित किया जाएगा. इस पुनीत कार्य में स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं और गणमान्य व्यक्तियों द्वारा विशेष योगदान देकर व्यवस्था को सुचारू बनाया गया है.
हायटेक सुरक्षा प्रणाली और 'त्रिनेत्र' कैमरों से सख्त निगरानी
लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम यातायात प्रबंधन के लिए पुलिस प्रशासन ने पूरे वाराणसी शहर को पांच प्रमुख जोन और पंद्रह सेक्टरों में विभाजित कर दिया है. सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगभग पांच हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है. पूरे शहर के सत्तर प्रतिशत से अधिक हिस्से की निगरानी आधुनिक एआई कैमरों, ड्रोन और 'त्रिनेत्र' प्रणाली से की जा रही है. गंगा घाटों और संवेदनशील स्थानों पर जल, थल एवं नभ से चौबीसों घंटे पैनी नजर रखी जाएगी.
बीएचयू परिसर स्थित विश्वनाथ मंदिर में सुगम दर्शन व्यवस्था
काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) परिसर में स्थित प्रसिद्ध विश्वनाथ मंदिर में सावन महोत्सव के अवसर पर श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए गए हैं. दर्शन-पूजन के लिए महिलाओं, पुरुषों, विश्वविद्यालय के कर्मचारियों तथा छात्रों हेतु अलग-अलग कतारें बनाई गई हैं. सावन माह के दौरान अत्यधिक भीड़ की संभावना को देखते हुए रविवार, सोमवार और अन्य विशेष धार्मिक तिथियों पर मंदिर के गर्भगृह में व्यक्तिगत रुद्राभिषेक कराने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा ताकि सभी को सुलभ दर्शन मिल सकें.
सावन माह में नौ विशिष्ट योगों से शिव साधना का फल
इस वर्ष सावन के पवित्र महीने में साधना और आराधना के लिए नौ अत्यंत दुर्लभ एवं विशिष्ट शुभ योग बन रहे हैं. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इन योगों में भगवान शिव की विधि-विधान से की गई पूजा-अर्चना का कई गुना अधिक फल प्राप्त होता है. सावन के पहले और अंतिम सोमवार सहित विभिन्न तिथियों पर सिद्धि योग, सर्वार्थ सिद्धि योग, त्रिपुष्कर योग और रवि योग जैसे शुभ मुहूर्त बन रहे हैं. चंद्रमा के स्वामी होने के कारण श्रवण नक्षत्र में भोलेनाथ की उपासना का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है.
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