गोरखपुर जेल के आलू को राजभवन में मिला प्रथम पुरस्कार, प्याज को भी मिला दूसरा स्थान

गोरखपुर जिला जेल में बंद कैदियों की ओर से उगाये गए आलू और प्याज को राजभवन में आयोजित प्रादेशिक प्रदर्शनी में पुरस्कृत किया गया है. जेल में बंदियों की ओर से उगाए गए आलू को प्रथम और प्याज को दूसरा पुरस्कार मिला है,

Gorakhpur News: गोरखपुर जेल में बंद कैदियों की ओर से उगाई गई सब्जियों ने एक बार फिर अपना परचम लहराया है. जेल में उगाई गई आलू और प्याज को राजभवन में आयोजित प्रादेशिक प्रदर्शनी में आलू को प्रथम और प्याज को दूसरा पुरस्कार प्राप्त हुआ है.

राजभवन में 3, 4 और 5 मार्च को आयोजित प्रादेशिक फल, शाक, भाजी और पुष्प प्रदर्शनी में सरकार की ओर से सराहना के साथ ही बंदियों को पुरस्कृत भी किया गया है. इससे पहले भी गोरखपुर जेल में बंदियों की ओर से उगाये गए सब्जियों को पुरस्कार मिल चुका है. आपको बता दें कि गोरखपुर जिला कारागार में 13 एकड़ के फॉर्म हाउस में मौसम के हिसाब से सब्जियां उगाई जाती हैं.

गोरखपुर जिला कारागार के जेलर प्रेम सागर शुक्ला ने बताया कि जिला जेल में 13 एकड़ में मौसम के हिसाब से सब्जी की खेती की जाती है. यह खेती बंदियों की ओर से की जाती है. इतना ही नहीं गोरखपुर जिला जेल में उगाई गई सब्जियों की आपूर्ति दूसरे जिलों के जिलों में भी की जाती है. जेल के फॉर्म हाउस में अबकी बार 8 एकड़ में आलू की खेती की गई थी.

जेलर के अनुसार पिछले साल आलू की पैदावार इतना हुई थी कि पूरे साल आलू नहीं खरीदना पड़ा था, पिछले वर्ष भी गोरखपुर जिला जेल में बंदियों की ओर से पैदा की हुई आलू को प्रथम पुरस्कार मिला था. राजभवन में आयोजित प्रदर्शनी का शनिवार को समापन होगा. जेल में आलू, प्याज के साथ-साथ, बैगन, गोभी, टमाटर, ब्रोकली, पालक, मूली, साग, भिंडी, नेनुआ सहित कई और सब्जियों की बुआई होती है.

रिपोर्ट – कुमार प्रदीप

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