UP News: सुबह-सुबह ED की कार्रवाई से यूपी और हरियाणा में हलचल मच गई. मामला ऐसा है, जिसमें कागजों पर कारोबार हुआ, लेकिन माल की वास्तविक आवाजाही नहीं हुई. इसके बावजूद करोड़ों रुपये का ITC तैयार कर उसे आगे पास किए जाने का आरोप है. अब ED ने इस पूरे नेटवर्क की परतें खोलने के लिए तीन शहरों के नौ ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की है. आखिर कागजों पर चल रहे इस खेल में करोड़ों रुपये का लेनदेन कैसे हुआ? आगे पढ़िए पूरा मामला.
तीन शहरों के 9 ठिकानों पर एक साथ छापा
फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) लेने और उसे आगे पास करने के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार तड़के बड़ी कार्रवाई शुरू की. अधिकारियों के अनुसार, PMLA के तहत मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद और फरीदाबाद में कुल नौ ठिकानों पर तलाशी ली जा रही है. ED के लखनऊ जोनल कार्यालय की टीम ने जम्बूद्वीप एक्सपोर्ट्स एंड इंपोर्ट्स लिमिटेड से जुड़े मामले में यह कार्रवाई की है.
बिना माल के तैयार हुए फर्जी चालान
अधिकारियों के मुताबिक, संबंधित इकाई पर बिना माल की वास्तविक आवाजाही के फर्जी चालान और ई-वे बिल तैयार करने का आरोप है. इन्हीं के जरिए कथित तौर पर 9.63 करोड़ का ITC, 10.28 करोड़ आगे पास .जांच में सामने आया है कि GST अधिकारियों की जांच में 9.63 करोड़ रुपये का ITC कथित तौर पर गलत तरीके से हासिल करने की बात सामने आई है. वहीं, 10.28 करोड़ रुपये का ITC आगे पास करने की भी बात कही गई है.यही आंकड़े इस मामले को और गंभीर बनाते हैं. ED अब इस रकम से जुड़े लेनदेन और उसके पूरे प्रवाह की जांच कर रही है.
फर्जी कंपनियों के जरिए पैसों की लेयरिंग
जांच में कई फर्जी और कागजी कंपनियों के जरिए बड़े पैमाने पर सर्कुलर ट्रांजेक्शन का पता चला है. अधिकारियों के मुताबिक, फंड की तेजी से लेयरिंग और नकदी निकासी भी सामने आई है. ED अब इन कंपनियों के बीच हुए लेनदेन की कड़ियां जोड़ रही है. मकसद यह पता लगाना है कि पैसा कहां से आया और किन रास्तों से आगे बढ़ाया गया.
PMLA के तहत ED कर रही जांच
अधिकारियों के अनुसार, अवैध तरीके से हासिल की गई रकम PMLA के तहत ‘अपराध से हुई कमाई’ (Proceeds of Crime) के दायरे में आती है. फिलहाल ED की टीम दस्तावेजों और दूसरे संबंधित रिकॉर्ड की जांच कर रही है. तलाशी के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
