UP News: घर में बेटे की पहली कमाई आने का इंतजार था, लेकिन उससे पहले ही मौत की खबर ने पूरे परिवार की दुनिया उजाड़ दी. उत्तर प्रदेश के देवरिया के 21 वर्षीय अभिषेक निषाद, जो पहली बार मर्चेंट नेवी की नौकरी पर गए थे, यूक्रेन से सीरिया जा रहे मालवाहक जहाज पर हुए रूसी मिसाइल हमले में जान गंवा बैठे. इकलौते बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और अब परिजन सरकार से पार्थिव शरीर भारत लाने व आर्थिक सहायता की गुहार लगा रहे हैं.
पहली नौकरी, लेकिन घर लौटने से पहले ही बुझ गई जिंदगी
देवरिया जिले के गौरी बाजार थाना क्षेत्र के कर्मेल गांव निवासी 21 वर्षीय अभिषेक निषाद पहली बार मर्चेंट नेवी में नौकरी करने गए थे. परिवार के मुताबिक, वह 10 जून को एक शिपिंग कंपनी के जरिए नौकरी पर रवाना हुए थे. घरवालों को उम्मीद थी कि बेटा पहली कमाई लेकर लौटेगा और परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर होगी, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था.
यूक्रेन से सीरिया जा रहे जहाज पर हुआ मिसाइल हमला
परिजनों ने बताया कि अभिषेक जिस मालवाहक जहाज एमवी गोल्डन लियो पर तैनात थे, वह रविवार को यूक्रेन से मक्का लेकर सीरिया के लिए रवाना हुआ था. यात्रा के दौरान जहाज पर रूसी मिसाइल हमला हुआ, जिससे जहाज में भीषण आग लग गई. इसी हादसे में अभिषेक निषाद की मौत हो गई. इस घटना की सूचना मिलते ही पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा.
इकलौते बेटे की मौत से टूट गया परिवार
अभिषेक अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे. उनके पिता सुरेंद्र निषाद बनियनी चौराहे पर रेडीमेड कपड़ों की छोटी-सी दुकान चलाते हैं. परिवार में दो बहनें भी हैं, जो पढ़ाई कर रही हैं. बेटे की मौत की खबर सुनते ही मां और दोनों बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है. पूरे गांव में भी शोक का माहौल है.
10 जून को नौकरी पर गए थे, 19 जुलाई को हुई आखिरी बात
मृतक के पिता सुरेंद्र निषाद ने बताया कि अभिषेक ने तुर्की में नौकरी जॉइन की थी और कई देशों से होते हुए यूक्रेन पहुंचे थे. वहां से माल लेकर जहाज सीरिया के लिए रवाना हुआ था.
इसी दौरान रूस की ओर से मिसाइल हमला किया गया, जिसमें उनके बेटे की मौत हो गई. उन्होंने बताया कि 19 जुलाई की शाम करीब 5 बजे उनकी बेटे से आखिरी बार बात हुई थी. इसके बाद शाम 7 बजे अभिषेक ने अपनी मां से भी बातचीत की थी. बाद में जब संपर्क नहीं हो पाया तो परिवार को अनहोनी की आशंका होने लगी. कुछ देर बाद एजेंट का फोन आया और जहाज पर हमले तथा अभिषेक की मौत की जानकारी दी.
परिवार की सरकार से भावुक अपील
अभिषेक के पिता ने भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार से अपील की है कि उनके बेटे का पार्थिव शरीर जल्द से जल्द भारत लाया जाए. उन्होंने कहा कि सरकार परिवार की हर संभव मदद करे. साथ ही उनकी दोनों बेटियों की शिक्षा और योग्यता के अनुसार रोजगार उपलब्ध कराने पर भी विचार किया जाए. उनका कहना है कि इकलौते बेटे की मौत के बाद पूरा परिवार पूरी तरह टूट चुका है.
परिजनों से मिलने पहुंचे विधायक
घटना की जानकारी मिलने के बाद रुद्रपुर विधानसभा से भाजपा विधायक जय प्रकाश निषाद मृतक के घर पहुंचे. उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की, उन्हें ढांढस बंधाया और हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया.
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