UP Crime: काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में दर्शन के दौरान मारपीट और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल के आरोप से जुड़े मामले में एसडीएम शंभू शरण की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी) सुधाकर राय की अदालत ने मामले का संज्ञान लेते हुए एसडीएम शंभू शरण के खिलाफ परिवाद दर्ज करने का आदेश दिया है. मामले में अगली सुनवाई के लिए 3 नवंबर की तारीख तय की गई है.
मंदिर परिसर में मारपीट का लगाया गया आरोप
फुलवरिया कैंट निवासी बाबूलाल सोनकर ने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि वह अनुसूचित जाति से हैं. उनके मुताबिक, 16 फरवरी की रात करीब साढ़े 12 बजे वह अपने मित्र अनुज पांडेय के साथ काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन करने पहुंचे थे.
प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया कि उस समय मंदिर परिसर में एसडीएम शंभू शरण करीब 10 निजी बाउंसरों के साथ मौजूद थे. आरोप है कि भक्तों के साथ धक्का-मुक्की हो रही थी और इसी दौरान एसडीएम ने बाबूलाल को पहचानकर बाउंसरों से पकड़वा लिया.
जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने का आरोप
बाबूलाल सोनकर ने अदालत में आरोप लगाया कि उनके साथ गालीगलौज की गई और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनका गला दबाने का प्रयास किया गया.
प्रार्थना पत्र के मुताबिक, बाबूलाल के साथ मौजूद अनुज पांडेय ने बीच-बचाव किया तो उनके साथ भी मारपीट और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया. ये सभी आरोप शिकायतकर्ता की ओर से अदालत में लगाए गए हैं.
थाने से लेकर अधिकारियों तक शिकायत का दावा
शिकायतकर्ता का कहना है कि घटना के बाद उन्होंने संबंधित थाने में शिकायत की. इसके बाद पुलिस अधिकारियों से भी कार्रवाई की मांग की गई, लेकिन आरोप के मुताबिक मामले में प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई. इसके बाद उन्होंने अदालत का रुख किया.
3 नवंबर को होगी अगली सुनवाई
मामले की सुनवाई के बाद विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी) सुधाकर राय की अदालत ने परिवाद दर्ज करने का आदेश दिया. अब इस मामले में अगली सुनवाई 3 नवंबर को होगी. आरोपों पर संबंधित पक्ष का पक्ष आगे की न्यायिक कार्यवाही में सामने आएगा.
यह भी पढ़ें: बलिया में 70 साल के पति की खौफनाक साजिश! पत्नी-बेटी की हत्या कर रची अजनबी हमलावरों की कहानी, दो साथी भी गिरफ्तार
