UP News: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से मिड-डे मील (MDM) व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में बेल्थरा रोड क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय पलिया के छात्र थाली में नहीं, बल्कि हाथों में रोटियां लेकर भोजन करते दिखाई दे रहे हैं. वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया और बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) मनीष कुमार सिंह ने तत्काल जांच के आदेश दे दिए.
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो, शिक्षा विभाग में मची हलचल
वायरल वीडियो में छोटे-छोटे बच्चे खुले हाथों में रोटी लेकर खाते नजर आ रहे हैं. वीडियो वायरल होते ही लोगों ने मिड-डे मील की गुणवत्ता और व्यवस्था पर सवाल उठाने शुरू कर दिए. मामला बढ़ने पर बेसिक शिक्षा विभाग हरकत में आया और पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी गई.
जांच में सामने आई चौंकाने वाली बात
बीएसए मनीष कुमार सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला कि यह वीडियो हाल का नहीं, बल्कि 20 अप्रैल का है. जांच के दौरान यह भी सामने आया कि वीडियो और तस्वीरें विद्यालय के ही एक अनुदेशक (इंस्ट्रक्टर) के मोबाइल में मिली थीं, जहां से वे सोशल मीडिया तक पहुंचीं. उन्होंने बताया कि मामले की जांच के लिए संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) को भेजा गया था. रिपोर्ट मिलने के बाद विद्यालय के सभी शिक्षकों, कर्मचारियों, अनुदेशकों और रसोइयों को स्पष्टीकरण के लिए तलब किया गया है.
रसोइयों ने दी सफाई, लेकिन उठे कई सवाल
पूरे मामले में रसोइयों ने अपनी सफाई देते हुए कहा कि बच्चों को पहले थाली में भोजन कराया गया था. उस दिन आटा अधिक होने के कारण अतिरिक्त रोटियां बनाई गई थीं, जिन्हें बच्चों ने बाद में हाथ में लेकर खाया. हालांकि यह सफाई भी कई सवाल छोड़ गई. यदि बच्चों को दोबारा रोटी दी गई थी, तो क्या उन्हें निर्धारित नियमों के अनुसार बैठाकर भोजन कराया गया? वायरल वीडियो में बच्चे इधर-उधर घूमते हुए हाथ में रोटी लेकर खाते दिखाई दे रहे हैं, जिससे मिड-डे मील के संचालन पर सवाल उठ रहे हैं.
बीएसए ने कहा- लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी
बीएसए मनीष कुमार सिंह ने स्पष्ट कहा कि विभाग किसी भी प्रकार की लापरवाही को स्वीकार नहीं करेगा. उन्होंने बताया कि तहसील दिवस से लौटने के बाद संबंधित सभी लोगों की सुनवाई की जा रही है. जांच पूरी होने के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
वीडियो से फिर उठे मिड-डे मील व्यवस्था पर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर सरकारी विद्यालयों में संचालित मिड-डे मील योजना की निगरानी और गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं. बच्चों को सम्मानपूर्वक भोजन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी स्कूल प्रशासन की होती है, लेकिन वायरल वीडियो ने व्यवस्था की वास्तविक स्थिति पर बहस छेड़ दी है.
यह भी पढ़ें: कल से यूपी विधानसभा में महासंग्राम! विपक्ष के हर वार का जवाब देने को योगी सरकार की मैराथन तैयारी
