UP News: लखनऊ के आशियाना इलाके में गुरुवार दोपहर बड़ा हादसा टल गया, जब सेक्टर-M स्थित विश्वकर्मा मंदिर के पास एक कार अचानक सड़क किनारे बने गहरे नाले में जा गिरी. हादसे के समय वाहन में 71 वर्षीय दीपक, उनका आठ वर्षीय नाती अनहद और 40 वर्षीय आया रेखा देवी सवार थे. कार के नाले में गिरते ही आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी. जानकारी मिलते ही आशियाना पुलिस सक्रिय हुई और राहत एवं बचाव की तैयारियां शुरू कर दीं.
स्टेयरिंग घूमते ही बिगड़ा कार का संतुलन
बताया गया कि दीपक अपने नाती अनहद को स्कूल से लेकर घर लौट रहे थे. इसी दौरान बच्चे ने अचानक कार की स्टेयरिंग घुमा दी, जिससे वाहन अनियंत्रित हो गया. कार सड़क किनारे बनी रिटेनिंग वॉल को तोड़ते हुए सीधे गहरे नाले में जा गिरी. हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों में अफरातफरी मच गई. स्थानीय लोगों ने बिना देर किए पुलिस को सूचना दी. कुछ ही समय में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और कार में फंसे लोगों को निकालने की प्रक्रिया शुरू हुई.
पुलिस, नगर निगम और फायर टीम ने संभाला मोर्चा
हादसे की गंभीरता को देखते हुए आशियाना पुलिस ने नगर निगम के जोन-8 और अग्निशमन विभाग की टीम को भी मौके पर बुलाया. उपनिरीक्षक परविंदर सिंह और उपनिरीक्षक लक्ष्मण अग्रवाल पुलिस टीम के साथ राहत अभियान में जुटे. संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान नाले में फंसे तीनों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. इसके बाद क्रेन की मदद से कार को भी बाहर निकाला गया. राहत की बात रही कि हादसे में किसी को गंभीर चोट नहीं आई और तीनों सुरक्षित रहे.
युवराज मेहता केस ने फिर उठाए खुले नालों पर सवाल
लखनऊ की इस घटना ने नोएडा के युवराज मेहता हादसे की याद भी ताजा कर दी, जिसमें पानी में डूबने से उनकी मौत हुई थी और खुले नाले को लेकर प्रशासन पर सवाल उठे थे. हालांकि, आशियाना में पुलिस और राहत टीमों की तत्परता से तीन जिंदगियां बच गईं. घटना की जानकारी मिलते ही परिवार के लोग भी मौके पर पहुंच गए. स्थानीय लोगों ने राहत कार्य की सराहना की. हादसे के बाद खुले और गहरे नालों की सुरक्षा को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई.
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