UP Politics : भारतीय जनता पार्टी की नई राष्ट्रीय टीम को लेकर दिल्ली में हलचल तेज है. सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन जल्द अपनी नई टीम का ऐलान कर सकते हैं. सबसे ज्यादा नजर उत्तर प्रदेश के नेताओं पर है, जहां से करीब सात चेहरों को संगठन में अहम जिम्मेदारी मिलने की चर्चा है. नई टीम में युवा नेताओं को आगे बढ़ाने के साथ संगठन और संसदीय अनुभव रखने वाले नेताओं को भी प्राथमिकता दिए जाने की संभावना जताई जा रही है.
इन नेताओं के नाम सबसे आगे
उत्तर प्रदेश से राष्ट्रीय संगठन में जगह या प्रमोशन की चर्चा में कई नाम सामने आए हैं. इनमें राष्ट्रीय मंत्री हरीश द्विवेदी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेखा वर्मा, अमरपाल मौर्य, सांसद भोला सिंह और अश्विनी त्यागी शामिल हैं. इसके अलावा पूर्व मंत्री और एमपी प्रभारी महेंद्र सिंह तथा राज्यसभा सांसद बाबूराम निषाद के नाम की भी चर्चा है. पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीकांत शर्मा और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के नाम भी संभावित सूची में बताए जा रहे हैं.
तीन वरिष्ठ नेताओं पर टिकी निगाहें
नई टीम में जहां नए चेहरों को मौका मिलने की चर्चा है, वहीं कुछ वरिष्ठ नेताओं की संगठन से विदाई की अटकलें भी लगाई जा रही हैं. इनमें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष राजेश अग्रवाल और राष्ट्रीय महामंत्री राधामोहन दास अग्रवाल के नाम प्रमुख हैं. लक्ष्मीकांत वाजपेयी उत्तर प्रदेश बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं. उम्र और संगठन में बदलाव को देखते हुए उनकी भूमिका को लेकर पार्टी के भीतर चर्चाएं तेज बताई जा रही हैं.
युवाओं को आगे बढ़ाने की तैयारी
बीजेपी की नई राष्ट्रीय टीम में संगठन के साथ युवा नेतृत्व को मजबूत करने पर भी जोर दिए जाने की संभावना है. पार्टी ऐसे चेहरों को आगे ला सकती है, जिनके पास संगठन में काम करने का अनुभव और चुनावी मैदान की समझ दोनों हो. हरीश द्विवेदी और रेखा वर्मा जैसे नेताओं को दोबारा अहम जिम्मेदारी या प्रमोशन मिलने की चर्चा इसी रणनीति से जोड़कर देखी जा रही है. हालांकि अंतिम फैसला नई राष्ट्रीय टीम की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा.
यूपी पर इतना फोकस क्यों?
उत्तर प्रदेश बीजेपी के लिए संगठन और चुनाव दोनों लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण राज्य है. देश में सबसे ज्यादा लोकसभा सीटें उत्तर प्रदेश से आती हैं और विधानसभा के स्तर पर भी यह सबसे बड़ा राज्य है. ऐसे में राष्ट्रीय संगठन में यूपी के नेताओं की मजबूत मौजूदगी पार्टी के लिए रणनीतिक तौर पर अहम मानी जाती है. खासकर विधानसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय टीम में प्रदेश के नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी मिलने से संगठनात्मक गतिविधियों को भी नई दिशा मिलने की उम्मीद है.
घोषणा के बाद साफ होगी तस्वीर
फिलहाल बीजेपी की नई राष्ट्रीय टीम को लेकर सामने आ रहे नामों पर आधिकारिक मुहर नहीं लगी है. संभावित चेहरों और वरिष्ठ नेताओं की भूमिका को लेकर पार्टी के भीतर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं. राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की टीम में किन नेताओं को जगह मिलती है और किसे प्रमोशन दिया जाता है, यह घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा. यूपी के नेताओं को मिलने वाली जिम्मेदारियां पार्टी की आगामी संगठनात्मक और चुनावी रणनीति का संकेत भी दे सकती हैं.
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