UP News: बरेली में सांप के डसने के चार मामले सामने आए. इनमें एक युवक उस सांप को ही थैली में बंद करके जिला अस्पताल पहुंच गया, जिसने उसे काटा था. युवक ने डॉक्टरों से कहा कि इसी सांप ने उसे डसा है. डॉक्टरों ने इलाज शुरू कर उसे एंटी स्नेक वेनम दिया, जिसके बाद उसकी हालत में सुधार हुआ.
पानी की मोटर के नीचे बैठा था सांप
बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र के रामनगर गोटिया निवासी 36 वर्षीय अतुल पुत्र ओमप्रकाश के घर में पानी की मोटर के नीचे सांप बैठा था. अतुल जब उसे बाहर निकालने की कोशिश कर रहा था, तभी सांप ने उसके हाथ में डस लिया. कुछ देर बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी तो परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे.
थैली में सांप देखकर अस्पताल में मची हलचल
अतुल के साथ उसके परिजन ही नहीं, बल्कि वही सांप भी अस्पताल पहुंचा जिसने उसे काटा था. उसे एक थैली में बंद किया गया था. डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ ने जब थैली में सांप देखा तो वे भी हैरान रह गए. अतुल का कहना था कि सांप को साथ लाने का मकसद डॉक्टरों को यह बताना था कि उसे किस सांप ने काटा है, ताकि इलाज में मदद मिल सके.
24 घंटे में चार लोगों को सांप ने डसा
बरेली में 24 घंटे के भीतर सांप के डसने के चार मामले जिला अस्पताल पहुंचे. सुभाषनगर क्षेत्र के बिरिया नारायणपुर गांव की 60 वर्षीय भगवान देई गोबर के कंडे निकाल रही थीं, तभी सांप ने उनके हाथ में डस लिया. वहीं फतेहगंज पश्चिमी के साहूकारा मोहल्ले में 35 वर्षीय सत्यवती घर की सफाई के दौरान सांप के डसने से घायल हो गईं.
खेत जाते समय सोनू को सांप ने काटा
चौथा मामला भुता थाना क्षेत्र के पो नगला गांव का है. 20 वर्षीय सोनू धान की फसल देखने खेत जा रहा था. इसी दौरान मेड़ के पास बैठे सांप ने उसके पैर में डस लिया. हालत बिगड़ने पर परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे. इलाज के बाद उसकी हालत में सुधार बताया गया है.
अस्पताल में एंटी स्नेक वेनम की पर्याप्त व्यवस्था
लगातार सामने आए इन मामलों के बाद जिला अस्पताल में स्नेक बाइट के इलाज को लेकर तैयारी भी सामने आई है. स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, अस्पताल में एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध है और ऐसे मरीजों के लिए इलाज की व्यवस्था की गई है. डॉक्टरों के अनुसार सांप के डसने के बाद समय पर अस्पताल पहुंचना बेहद जरूरी है. अधिकारियों का कहना है कि बारिश के मौसम में स्नेक बाइट के मामले बढ़ सकते हैं, इसलिए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है. यह भी देखें: UP में बिजली बिल बकाया है तो हो जाएं सावधान! इन चार जिलों के 11 लाख उपभोक्ता रडार पर, घर-घर पहुंचेंगी 263 टीमें
