छात्राओं ने राखी बांधकर मांगी स्मार्ट क्लास, DM ने करवा दी व्यवस्था, जाने पूरी खबर

बाराबंकी के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए खुशखबरी है. अब उन्हें स्मार्ट क्लास की सुविधा मिलेगी, जो रक्षाबंधन पर छात्राओं द्वारा DM से की गई मांग का परिणाम है.

Barabanki News : बाराबंकी के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए अच्छी खबर है. यहां कक्षा 9 से 12 तक की छात्राओं को अब स्मार्ट क्लास की सुविधा मिलेगी. रक्षाबंधन के मौके पर छात्राओं ने डीएम ईशान प्रताप सिंह से स्मार्ट क्लास की मांग की थी, जिसके बाद डीएम ने इसकी व्यवस्था कराने की पहल की.

चार KGBV में लगाए जा रहे इंटरैक्टिव पैनल

जिले के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में स्मार्ट क्लास की सुविधा शुरू करने के लिए डीएम ने निजी बैंकों से संपर्क किया. कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड की मदद से जिले के चार KGBV में इंटरैक्टिव पैनल लगाए जा रहे हैं. मसौली, सिरौली गौसपुर, देवा और फतेहपुर के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों को पहले चरण में इसमें शामिल किया गया है. अन्य KGBV में भी कंपनियों की मदद से स्मार्ट क्लास की सुविधा शुरू कराने की योजना है.

रक्षाबंधन पर छात्राओं ने रखी थी मांग

दरअसल, रक्षाबंधन के मौके पर मसौली KGBV की छात्राएं डीएम को राखी बांधने पहुंची थीं. इस दौरान छात्राओं ने अपनी समस्याओं से डीएम को अवगत कराया और उच्चीकृत कक्षाओं में स्मार्ट क्लास की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग रखी. इसके बाद डीएम ने देवा और सिरौली गौसपुर के KGBV का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान इन विद्यालयों में भी स्मार्ट क्लास की सुविधा नहीं होने की जानकारी मिली. पिछले साल इन विद्यालयों में कक्षा 8 तक की पढ़ाई को बढ़ाकर कक्षा 12 तक किया गया था. इसके लिए नए भवन और हॉस्टल भी बनाए गए हैं.

जलभराव और कच्चे रास्ते की समस्या भी मिली

डीएम ईशान प्रताप सिंह लगातार KGBV का निरीक्षण कर रहे हैं. देवा, मसौली, सिरौली गौसपुर, फतेहपुर और बंकी के दौरे के दौरान उन्हें विद्यालय परिसरों में कई समस्याएं मिलीं. कहीं जलभराव की समस्या थी तो कहीं कैंपस से हॉस्टल तक जाने के लिए कच्चा रास्ता था. इन समस्याओं के समाधान के लिए डीएम ने क्रिटिकल फंड से ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को बजट जारी किया है.

करीब 6000 बच्चों को चश्मे की जरूरत

डीएम ने परिषदीय और एडेड स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक पढ़ने वाले बच्चों की आंखों की जांच की व्यवस्था की भी समीक्षा की. अनुमान के मुताबिक जिले में करीब 6,000 बच्चों को टेस्टेड चश्मों की जरूरत है. पहले चरण में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) की मदद से 562 बच्चों को चश्मे उपलब्ध कराए जा चुके हैं. बाकी बच्चों को भी चश्मे उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है.

कौन हैं IAS ईशान प्रताप सिंह?

ईशान प्रताप सिंह उत्तर प्रदेश कैडर के 2017 बैच के आईएएस अधिकारी हैं. उन्होंने आईआईटी दिल्ली से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की पढ़ाई की है. वह 21 अप्रैल 2026 से बाराबंकी के जिलाधिकारी के पद पर कार्यरत हैं. इससे पहले वह मुख्यमंत्री के विशेष सचिव, सहायक सचिव, सहायक कलेक्टर और कार्यकारी मजिस्ट्रेट जैसे पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं.

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By रवि रंजन कुमार

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