घर में सो रहे बुजुर्ग को उठाकर ले गया बाघ! 24 घंटे में दूसरी बड़ी घटना से दहला बहराइच, दहशत में ग्रामीण

बहराइच जिले में जंगली जानवरों का आतंक लगातार बढ़ रहा है. अहिरनपुरवा गांव में घर के अंदर सो रहे एक बुजुर्ग पर जंगली जानवर ने हमला कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई. ग्रामीणों में दहशत का माहौल है.

उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में जंगली जानवरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है. मगरमच्छ के हमले का वीडियो वायरल होने के महज 24 घंटे बाद शनिवार तड़के मोतीपुर थाना क्षेत्र के अहिरनपुरवा गांव में घर के अंदर सो रहे एक बुजुर्ग पर जंगली जानवर ने हमला कर दिया. ग्रामीणों का दावा है कि बाघ बुजुर्ग को उठाकर ले गया, जबकि वन विभाग शुरुआती जांच में तेंदुए के हमले की आशंका जता रहा है. घटना में बुजुर्ग की मौत हो गई है.

घर में घुसा जंगली जानवर, सो रहे बुजुर्ग को बना लिया शिकार

कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के ककरहा वन रेंज स्थित अहिरनपुरवा गांव में शनिवार की भोर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब घर में सो रहे श्रीराम यादव पर जंगली जानवर ने हमला कर दिया. ग्रामीणों के मुताबिक जानवर उन्हें घर से खींचकर बाहर ले गया. चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तो भीड़ देखकर जंगली जानवर घायल बुजुर्ग को छोड़कर जंगल की ओर भाग गया. गंभीर रूप से घायल बुजुर्ग को बचाया नहीं जा सका और उनकी मौत हो गई. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.

बाघ या तेंदुआ? जांच में जुटा वन विभाग

घटना के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई. ग्रामीण इसे बाघ का हमला बता रहे हैं, जबकि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला तेंदुए के हमले का प्रतीत होता है. डीएफओ अपूर्व दीक्षित ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर स्पष्ट होगा कि हमला बाघ ने किया या तेंदुए ने. फिलहाल मृतक के परिजनों को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है.

24 घंटे पहले मगरमच्छ ने बच्चे पर किया था हमला

इस घटना से एक दिन पहले बहराइच के बौंडी थाना क्षेत्र के मुरौवा गांव में 12 वर्षीय बच्चे पर मगरमच्छ ने हमला कर दिया था. बच्चा अपने चाचा के साथ खेत में धान की रोपाई कर रहा था, तभी मगरमच्छ ने उसे दबोच लिया. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिससे इलाके में पहले ही दहशत का माहौल था.

सीतापुर में भी बाघ के हमले से किसान की मौत

तराई क्षेत्र में जंगली जानवरों का खतरा केवल बहराइच तक सीमित नहीं है. हाल ही में सीतापुर जिले में भी बाघ के हमले में एक किसान की मौत हो चुकी है. लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं से ग्रामीणों में भय का माहौल है. स्थानीय लोगों ने वन विभाग से गश्त बढ़ाने, संवेदनशील गांवों में निगरानी तेज करने और जंगली जानवरों की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण की मांग की है.

ग्रामीणों में दहशत, सुरक्षा की मांग तेज

लगातार हो रहे हमलों के बाद बहराइच और आसपास के तराई क्षेत्रों के ग्रामीणों में भय व्याप्त है. लोगों का कहना है कि रात के समय घरों से बाहर निकलना तो दूर, अब घर के भीतर भी सुरक्षा का भरोसा नहीं रह गया है. ग्रामीणों ने वन विभाग से प्रभावित क्षेत्रों में विशेष निगरानी, पिंजरे लगाने और गश्त बढ़ाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके.

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Published by: Tilak Kumar

तिलक कुमार पिछले 14 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्हें प्रिंट और डिजिटल मीडिया में रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव है. अमर उजाला, प्रभात खबर, जनसंदेश टाइम्स और राष्ट्रीय सहारा जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में क्राइम रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं. अपराध, राजनीति और हाइपरलोकल पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता के क्षेत्र हैं. मैदानी रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण और प्रभावशाली खबरों को पाठकों तक पहुंचाया है. जमीनी मुद्दों की गहरी समझ और तथ्यों पर आधारित रिपोर्टिंग उनकी पहचान रही है. वर्तमान में वह प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ जुड़े हुए हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध तथा जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन और रिपोर्टिंग कर रहे हैं.

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