UP News: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है. हाईकोर्ट ने 2019 के चर्चित 'तनखैया' टिप्पणी मामले में निचली अदालत द्वारा सुनाई गई दो साल की सजा को बरकरार रखा है. इसके साथ ही उनकी अपील खारिज कर दी गई है.
क्या है पूरा मामला?
यह मामला वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान रामपुर में दिए गए एक बयान से जुड़ा है. चुनावी सभा में आजम खान ने तत्कालीन जिलाधिकारी (DM) को लेकर 'तनखैया' टिप्पणी की थी. इस बयान को लेकर उनके खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम और अन्य धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था. बाद में एमपी-एमएलए कोर्ट ने उन्हें दोषी करार देते हुए दो साल की सजा और जुर्माना सुनाया था.
हाईकोर्ट ने नहीं दी राहत
निचली अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए आजम खान ने हाईकोर्ट में अपील दाखिल की थी. सुनवाई पूरी होने के बाद शनिवार को अदालत ने उनकी अपील खारिज कर दी और दो साल की सजा को बरकरार रखा. इस फैसले के बाद आजम खान को इस मामले में कोई राहत नहीं मिली.
पहले से कई मामलों का सामना कर रहे हैं आजम खान
आजम खान पहले से ही कई मामलों में कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहे हैं. हाल के महीनों में दो पैन कार्ड मामले समेत अन्य मामलों में भी उन्हें अदालत से राहत नहीं मिली है. लगातार आ रहे न्यायिक फैसलों से उनकी कानूनी मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं.
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