राम मंदिर ट्रस्ट के CEO चयन पर मचा घमासान, पूर्व IPS के बयान से उठे सवालों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के चयन को लेकर चल रहे विवाद पर ट्रस्ट ने अपनी सफाई दी है. पूर्व आईएएस अधिकारी के एक बयान के बाद उठे सवालों का जवाब देते हुए ट्रस्ट ने चयन प्रक्रिया की पूरी जानकारी दी है.

Ayodhya Ram Mandir : श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के चयन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. पूर्व आईएएस अधिकारी राजेश पांडेय के एक पॉडकास्ट में दिए गए बयान के बाद ट्रस्ट ने चयन प्रक्रिया पर उठ रहे सवालों का जवाब दिया है. ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा का चयन किसी प्रक्रिया को दरकिनार कर नहीं किया गया, बल्कि तय प्रक्रिया के तहत हुआ है.

5,585 आवेदनों की हुई स्क्रीनिंग

ट्रस्ट के महासचिव स्वामी गोविंद देव गिरि के अनुसार, सीईओ पद के लिए गठित खोज समिति को कुल 5,585 आवेदन प्राप्त हुए थे. पहले चरण में आवेदनों की एआई आधारित स्क्रीनिंग की गई. इसके बाद विशेषज्ञों ने मैनुअल मूल्यांकन किया. इस प्रक्रिया के बाद 16 उम्मीदवारों को अंतिम चरण के लिए चुना गया. इन सभी उम्मीदवारों का 11 और 12 अगस्त को अयोध्या में आमने-सामने इंटरव्यू लिया गया.

जितेंद्र मिश्रा भी चयन प्रक्रिया का हिस्सा थे

ट्रस्ट ने बताया कि सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा भी इसी चयन प्रक्रिया में शामिल हुए थे. उनका पहला इंटरव्यू 11 अगस्त को हुआ था. इसके बाद चयन प्रक्रिया के निर्धारित चरणों के तहत उनके नाम पर विचार किया गया. ट्रस्ट के मुताबिक, खोज समिति ने एक सितंबर को सीईओ पद के लिए तीन नाम ट्रस्ट के सामने रखे थे. इनमें जितेंद्र मिश्रा के अलावा संजय प्रताप सिंह, विश्वास राव और श्रुति भारद्वाज के नाम शामिल बताए गए. इसके अगले ही दिन, 2 सितंबर को जितेंद्र मिश्रा को सीईओ नियुक्त करने की घोषणा कर दी गई. ट्रस्ट का कहना है कि चयन प्रक्रिया के प्रत्येक चरण का रिकॉर्ड मौजूद है.

पॉडकास्ट में दिए बयान के बाद शुरू हुआ विवाद

सीईओ के चयन को लेकर विवाद पूर्व आईएएस राजेश पांडेय के एक पॉडकास्ट में दिए गए बयान के बाद सामने आया. पूर्व आईएएस अमिताभ ठाकुर ने पांडेय के बयान का हवाला देते हुए ट्रस्ट को पत्र भेजकर सीईओ चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे. अमिताभ ठाकुर के अनुसार, पांडेय के बयान को अलग अर्थ में पेश किया गया. उनका कहना है कि पांडेय ने कभी यह नहीं कहा था कि जितेंद्र मिश्रा ने इंटरव्यू नहीं दिया था.

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By रवि रंजन कुमार

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