राम मंदिर समेत 18 मठ-मंदिरों के घर बैठे होंगे दर्शन, IIT चेन्नई तैयार कर रहा वर्चुअल दर्शन की खास तकनीक

अयोध्या के राम कथा संग्रहालय में श्रद्धालुओं को राम मंदिर सहित 18 प्रमुख मठ-मंदिरों के वर्चुअल दर्शन का अनोखा अनुभव मिलेगा. अत्याधुनिक तकनीक से रामकथा के प्रसंगों को जीवंत किया जाएगा, जो फरवरी-मार्च 2027 के बाद श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध होगा.

UP News : रामनगरी अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को जल्द ही धर्म और तकनीक का अनोखा संगम देखने को मिलेगा. सरयू तट पर निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय में राम मंदिर समेत अयोध्या के 18 प्रमुख मठ-मंदिरों के वर्चुअल दर्शन कराने की तैयारी की जा रही है. संग्रहालय की 20 गैलरियों में अत्याधुनिक इमर्सिव टेक्नोलॉजी के जरिए रामकथा से जुड़े प्रसंगों को जीवंत रूप दिया जाएगा.

गैलरी नंबर-7 में मिलेगा राम मंदिर का वर्चुअल अनुभव

राम मंदिर भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा के अनुसार, रामकथा संग्रहालय की गैलरियों का निर्माण अंतिम चरण में है. गैलरी नंबर-7 को विशेष रूप से आधुनिक तकनीक के साथ विकसित किया जा रहा है. यहां श्रद्धालुओं को राम मंदिर परिसर और उससे जुड़े प्रमुख मंदिरों का ऐसा वर्चुअल अनुभव देने की तैयारी है, जिससे उन्हें परिसर में मौजूद होने जैसा अहसास हो.

18 मठ-मंदिरों के दर्शन होंगे खास

गैलरी नंबर-7 में राम मंदिर परिसर के प्रमुख मंदिरों को तकनीक के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा. इसका उद्देश्य उन श्रद्धालुओं को भी धार्मिक स्थलों का अनुभव उपलब्ध कराना है, जो किसी कारण से मंदिर परिसर के सभी हिस्सों तक नहीं पहुंच पाते. इमर्सिव टेक्नोलॉजी के जरिए तैयार यह अनुभव संग्रहालय के प्रमुख आकर्षणों में शामिल होगा.

गैलरी नंबर-17 में दिखेगा भगवान राम का वनगमन

रामकथा संग्रहालय की गैलरी नंबर-17 में भगवान राम के वनगमन से जुड़े प्रसंगों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा. वनवास के दौरान भगवान राम की यात्रा, नदियों को पार करने और उनसे जुड़े प्रमुख स्थानों को दृश्यात्मक तरीके से दिखाने की तैयारी है. इस गैलरी के जरिए श्रद्धालु भगवान राम के वनगमन की यात्रा को करीब से समझ सकेंगे. साथ ही रामायण से जुड़े धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक प्रसंगों को भी आधुनिक तरीके से जानने का अवसर मिलेगा.

IIT चेन्नई के विशेषज्ञ कर रहे तकनीकी विकास

संग्रहालय की अलग-अलग गैलरियों के विषय और जरूरत के अनुसार तकनीक का चयन किया जा रहा है. इस परियोजना के तकनीकी विकास में IIT चेन्नई के विशेषज्ञ भी सहयोग कर रहे हैं. कोशिश है कि संग्रहालय में इतिहास, धर्म, संस्कृति और आधुनिक तकनीक को एक साथ प्रस्तुत किया जाए.

20 गैलरियों में दिखेगी रामकथा की अलग-अलग झलक

अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय में कुल 20 गैलरियां विकसित की जा रही हैं. इन गैलरियों में रामायण और भगवान राम के जीवन से जुड़े अलग-अलग प्रसंगों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा. इससे श्रद्धालुओं को रामकथा केवल देखने-सुनने के बजाय उसे एक अनुभव के रूप में महसूस करने का मौका मिलेगा.

फरवरी-मार्च 2027 के बाद खुल सकता है संग्रहालय

रामकथा संग्रहालय का काम पूरा होने के बाद इसे अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं के प्रमुख आकर्षणों में शामिल किए जाने की उम्मीद है. अधिकारियों के मुताबिक फरवरी-मार्च 2027 के बाद संग्रहालय को श्रद्धालुओं के लिए खोलने की अनुमति मिल सकती है. संग्रहालय शुरू होने के बाद अयोध्या आने वाले पर्यटकों को रामनगरी की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक तकनीक के माध्यम से जानने और अनुभव करने का नया अवसर मिलेगा.

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By रवि रंजन कुमार

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