Apparel Park: अपैरल पार्क को विशेष रूप से रेडीमेड गारमेंट और निर्यात आधारित इकाइयों की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है1 यहां करीब 100 उत्पादन आधारित इकाइयों की स्थापना की जाएगी, जो घरेलू बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार के लिए भी कपड़े तैयार करेंगी. यह परियोजना प्रदेश सरकार की औद्योगिक नीति, मेक इन यूपी और केंद्र सरकार के वोकल फॉर लोकल विजन के अनुरूप है.
रणनीतिक लोकेशन से मिलेगा निर्यात को लाभ
अपैरल पार्क की लोकेशन इसे और अधिक प्रभावी बनाती है. यमुना एक्सप्रेस-वे से सीधी कनेक्टिविटी और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की निकटता से लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आएगी. एयरपोर्ट के संचालन के बाद गारमेंट उत्पादों के निर्यात को नई गति मिलेगी और निर्यातकों को समयबद्ध डिलीवरी में सुविधा होगी.
कॉमन फैसिलिटी सेंटर बनेगा उद्योग की रीढ़
परियोजना के अंतर्गत अपैरल पार्क में अत्याधुनिक कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC) विकसित किया जाएगा. इसमें डिजाइन सेंटर, ट्रेनिंग सेंटर, यूनिट टेस्टिंग लैब, क्वालिटी कंट्रोल, रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) और मार्केटिंग सपोर्ट जैसी सुविधाएं शामिल होंगी. इसका उद्देश्य छोटे और मध्यम उद्यमों को साझा इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराना है, जिससे उत्पादन लागत घटे और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़े.
रोजगार और वैल्यू चेन को मिलेगा विस्तार
अपैरल पार्क से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर सृजित होंगे. सिलाई, डिजाइन, पैटर्न मेकिंग, पैकेजिंग, क्वालिटी कंट्रोल और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में स्थानीय युवाओं, विशेषकर महिलाओं को रोजगार मिलेगा. यह परियोजना कच्चे माल आधारित उत्पादन से आगे बढ़कर वैल्यू एडेड मैन्युफैक्चरिंग को प्रोत्साहित करेगी, जिससे किसानों, हथकरघा कारीगरों और छोटे उद्यमियों को भी अप्रत्यक्ष लाभ पहुंचेगा. योगी सरकार के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अब निवेश और उद्योग के लिए अनुकूल वातावरण वाला राज्य बन चुका है. अपैरल पार्क के पूर्ण रूप से क्रियान्वित होने पर यमुना एक्सप्रेस-वे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी और प्रदेश टेक्सटाइल व गारमेंट सेक्टर में राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत पहचान बनाएगा.
