“अश्लील मैसेज भेजने वाले प्रोफेसर को छात्राओं ने सिखाया सबक, पुलिस के सामने हुई पिटाई”

ALIGARH NEWS: अलीगढ़ के श्री वाष्र्णेय कॉलेज में छात्राओं ने एक असिस्टेंट प्रोफेसर को अश्लील मैसेज और छेड़छाड़ के आरोप में पुलिस के सामने पीट दिया. छात्राओं ने पहले कई बार शिकायत की थी, पर सुनवाई नहीं हुई. पुलिस ने मोबाइल-लैपटॉप जब्त कर जांच शुरू कर दी है.

ALIGARH NEWS: अलीगढ़ के प्रतिष्ठित श्री वाष्र्णेय कॉलेज में गुरुवार को उस समय सनसनी फैल गई जब छात्राओं ने कॉलेज परिसर में एक असिस्टेंट प्रोफेसर को पुलिस के सामने ही जमकर पीट दिया. आरोप है कि यह प्रोफेसर लंबे समय से छात्राओं को अश्लील मैसेज भेज रहा था, रास्ते में छेड़ता था और कथित तौर पर उन्हें जबरन अपने प्यार का इज़हार कर तंग कर रहा था.

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कॉलेज में जब पुलिस किसी शिकायत की जांच के लिए पहुंची, तभी छात्राओं का गुस्सा फूट पड़ा. आरोपी प्रोफेसर जैसे ही सामने आया, छात्राओं ने उसे घेर लिया और दौड़ा-दौड़ाकर चप्पल, जूते, लात-घूंसों से पीटा. प्रोफेसर जान बचाने के लिए परिसर में इधर-उधर भागता रहा लेकिन छात्राओं ने उसे बख्शा नहीं. पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी तब जाकर किसी तरह उसे भीड़ से बचाकर थाने ले जाया गया.

आरोप गंभीर, पुलिस और महिला आयोग तक पहुंची शिकायत

छात्राओं का आरोप है कि अंग्रेज़ी विभाग में कार्यरत यह प्रोफेसर पिछले दो वर्षों से उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था. एक छात्रा ने बताया कि प्रोफेसर उसे बार-बार मैसेज करता था “मैं तुमसे प्यार करता हूं, मान जाओ न यार. नहीं मानी तो अंजाम भुगतना पड़ेगा.”

इतना ही नहीं, कई छात्राओं ने दावा किया कि उन्होंने कॉलेज प्रबंधन से इसकी शिकायतें की थीं लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. थक-हार कर कुछ छात्राओं ने एसपी सिटी और महिला आयोग को गुमनाम पत्र लिखकर मदद मांगी. इसी शिकायत के आधार पर पुलिस कॉलेज में जांच करने पहुंची थी.

स्क्रीनशॉट बनें सबूत

घटना के बाद छात्राओं ने पुलिस के सामने ही कॉलेज प्रिंसिपल को आरोपी प्रोफेसर के अश्लील मैसेजों के स्क्रीनशॉट दिखाए. चैट में प्रोफेसर द्वारा भेजे गए आपत्तिजनक संदेश स्पष्ट रूप से देखे जा सकते हैं, जिनमें वह छात्राओं से निजी बातें करने और मिलने के लिए दबाव डालता नजर आता है. यह सब देख कॉलेज प्रशासन ने तत्काल जांच समिति गठित करने की घोषणा की.

कॉलेज प्रशासन की प्रतिक्रिया

प्रिंसिपल प्रोफेसर बृजेश कुमार ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए कॉलेज स्तर पर एक पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है. यह समिति पीड़ित छात्राओं से बातचीत कर तथ्यों की पुष्टि करेगी. समिति की रिपोर्ट के आधार पर विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

पुलिस जांच और डिजिटल सबूत

पुलिस ने आरोपी प्रोफेसर का मोबाइल फोन और लैपटॉप जब्त कर लिया है. माना जा रहा है कि इन डिवाइसेज़ में वह सामग्री हो सकती है जो छात्राओं को भेजी गई थी. डिजिटल फॉरेंसिक जांच के माध्यम से यह तय किया जाएगा कि आरोप कितने पुख्ता हैं. एसपी सिटी मृगांक शेखर पाठक ने बताया कि जांच के बाद आरोप सही पाए गए तो सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

छात्र संगठनों का समर्थन

घटना की जानकारी मिलते ही छात्र नेता सीटू चौधरी समेत कई छात्र कॉलेज पहुंच गए और प्रिंसिपल कार्यालय में प्रदर्शन किया. छात्रों का कहना है कि अगर समय रहते प्रशासन ने कार्रवाई की होती तो यह नौबत नहीं आती. उन्होंने आरोपी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है.

क्या कहते हैं कानून विशेषज्ञ?

कानून विशेषज्ञों के अनुसार, अगर डिजिटल सबूत पुख्ता पाए जाते हैं और पीड़िताओं के बयान मेल खाते हैं, तो आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ आईटी एक्ट, यौन उत्पीड़न अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज हो सकता है.

यह घटना न केवल शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है बल्कि यह भी उजागर करती है कि जब संस्थाएं शिकायतों पर कार्रवाई नहीं करतीं, तो पीड़ितों का आक्रोश कैसे फूट सकता है. यह जरूरी है कि ऐसे मामलों में त्वरित और निष्पक्ष जांच हो, ताकि दोषियों को सज़ा मिले और छात्राओं का आत्मविश्वास बना रहे.

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By Abhishek singh

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