जिस चिकोरी को आप कॉफी में डालते हैं, वही अलीगढ़ में कर रही करोड़ों की कमाई; निर्यात ₹90 करोड़ पार होने का अनुमान

UP News: अलीगढ़ की चिकोरी विदेशों में धूम मचा रही है, जिससे किसानों की आय में भारी वृद्धि हो रही है. चालू वित्तीय वर्ष में 90 करोड़ रुपये से अधिक के निर्यात का अनुमान है.

UP News: कॉफी का स्वाद और खुशबू बढ़ाने वाली चिकोरी अब अलीगढ़ के किसानों और कारोबारियों के लिए कमाई का बड़ा जरिया बनती जा रही है. जिले में पैदा होने वाली चिकोरी की विदेशों में मांग लगातार बढ़ रही है. चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में जुलाई तक 33 करोड़ रुपये की चिकोरी विदेश भेजी जा चुकी है. अब अगले आठ महीनों में 60 करोड़ रुपये से ज्यादा के निर्यात का अनुमान है. ऐसे में इस वित्तीय वर्ष में चिकोरी का कुल निर्यात 90 करोड़ रुपये से आगे निकल सकता है.

यूरोप समेत कई देशों में पहुंच रही अलीगढ़ की चिकोरी

अलीगढ़ में तैयार होने वाली चिकोरी के तीन उत्पादों की विदेशों में खास मांग है. इनमें इंस्टेंट चिकोरी, चिकोरी पाउडर और रोस्टेड चिकोरी एक्सट्रेक्ट शामिल हैं. इनका इस्तेमाल कॉफी के स्वाद और खुशबू को बेहतर बनाने के लिए किया जाता है. अलीगढ़ की चिकोरी अब रूस, वियतनाम, ताइवान, जॉर्जिया, तुर्किए, मलेशिया, अमेरिका, यूक्रेन, दक्षिण कोरिया, इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और एस्टोनिया समेत कई देशों में भेजी जा रही है.

पिछले वर्षों में भी बढ़ा-घटा रहा निर्यात

आंकड़ों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2024-25 में 88 करोड़ रुपये की चिकोरी का निर्यात हुआ था. इससे पहले वित्तीय वर्ष 2022-23 में 41 करोड़ रुपये और 2023-24 में 61 करोड़ रुपये का चिकोरी पाउडर विदेश भेजा गया था. वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह आंकड़ा 55 करोड़ रुपये रहा. अधिकारियों का कहना है कि चिकोरी की विदेशों में बढ़ती मांग से किसानों को भी फायदा मिल रहा है और उनकी आय बढ़ रही है.

चिकोरी का क्लस्टर बनाने की तैयारी

कृषि विपणन एवं कृषि विदेश व्यापार विभाग के वरिष्ठ विपणन अधिकारी बीपी सिंह ने बताया कि चिकोरी का निर्यात लगातार बढ़ रहा है. इसका सीधा फायदा किसानों की आमदनी पर पड़ रहा है. उन्होंने बताया कि जिले में चिकोरी का क्लस्टर बनाने पर भी विचार किया जा रहा है. इसका उद्देश्य किसानों को कम कीमत पर बीज उपलब्ध कराना और उत्पादन को बढ़ावा देना है.

10 हेक्टेयर से बढ़कर 70 हेक्टेयर हुआ रकबा

जिला उद्यान अधिकारी सुनील कुमार के मुताबिक, अलीगढ़ में चिकोरी की खेती का रकबा अब करीब 70 हेक्टेयर तक पहुंच गया है. पहले यह खेती लगभग 10 हेक्टेयर में ही होती थी. जिले के अतरौली, छर्रा, गोंडा और गंगीरी क्षेत्रों में किसान चिकोरी की खेती कर रहे हैं. वहीं, चिकोरी पाउडर तैयार करने के लिए जिले में नौ प्लांट लगाए गए हैं. बढ़ता निर्यात और विदेशों में लगातार मिल रही मांग से अलीगढ़ की चिकोरी अब स्थानीय खेती से निकलकर अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी पहचान बना रही है.

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By लक्की कुमारी

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