UP Politics News: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सियासी बयानबाजी तेज है. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के एक बयान पर राष्ट्रीय लोक दल (RLD) प्रमुख जयंत चौधरी ने पलटवार किया है. जयंत ने कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन किसी पूरे समाज को निशाना बनाना स्वीकार्य नहीं है. उन्होंने जाट और गुर्जर समाज को लेकर की गई कथित टिप्पणी पर भी आपत्ति जताई.
जयंत चौधरी ने सपा पर साधा निशाना
राष्ट्रीय लोक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि सपा का ऐसा चाल, चरित्र और चेहरा है कि राजनीतिक विरोध करते-करते पूरे समाज का विरोध करने लगते हैं. जयंत ने दावा किया कि कुछ दिन पहले जाट और गुर्जर समाज की मां-बहनों के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल किया गया था. उन्होंने कहा कि अब पूरे समाज को अपमानित करने का प्रयास किया गया. जयंत के मुताबिक, किसी पूरे समाज को अपमानित करना न तो स्वीकार्य है और न ही स्वस्थ लोकतंत्र की पहचान.
'जाट समाज को टारगेट करना पतन लाता है'
जयंत चौधरी ने एक्स पर लिखा, 'सियासत की लड़ाई में कुछ सस्ते शब्द बोलने ही थे तो मेरा नाम लेकर बोल देते, कोई बात नहीं थी… जाट समाज को टारगेट करना और कहना ABCD हमने सिखाई?' उन्होंने आगे लिखा कि वह इस अहंकार को करीब से देख चुके हैं. जयंत ने कहा कि ऐसा आचरण सिर्फ पतन लाता है.
अखिलेश यादव ने क्या कहा था?
दरअसल, हाल ही में अखिलेश यादव ने जयंत चौधरी और रालोद पर निशाना साधा था. उन्होंने किसान नेता चौधरी चरण सिंह की विरासत और कृषक समुदाय का जिक्र करते हुए कहा था, 'जाने कहां-कहां से आ गए लोग गठबंधन बनाने. हमने चवन्नी का रुपया बना दिया था, तब भी हमें छोड़कर चले गए वो. अखिलेश ने आगे कहा था कि कई लोगों ने सपा का साथ छोड़ा है. इसके बावजूद उनकी पार्टी जनता के साथ गठबंधन करने, सामाजिक न्याय स्थापित करने और लोगों पर भरोसा करने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है.
रालोद नेता अनिल कुमार ने भी किया पलटवार
अखिलेश यादव के बयान पर यूपी सरकार में मंत्री और रालोद नेता अनिल कुमार ने भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने अखिलेश के बयान को अत्यधिक आपत्तिजनक और दुर्भाग्यपूर्ण बताया. अनिल कुमार ने कहा कि यह सिर्फ जयंत चौधरी का अपमान नहीं है, बल्कि चौधरी चरण सिंह और पूरे कृषक समुदाय की विचारधारा का भी अपमान है. उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के नेताओं को चौधरी चरण सिंह परिवार के राजनीतिक योगदान को नहीं भूलना चाहिए. अनिल कुमार ने दावा किया कि कृषक समुदाय 2027 के विधानसभा चुनाव में कथित अपमान का लोकतांत्रिक जवाब देगा.
'कृषक समुदाय के सम्मान से समझौता नहीं'
रालोद नेता ने कहा कि उनकी पार्टी अपने नेताओं और कृषक समुदाय के सम्मान से कोई समझौता नहीं करेगी. उन्होंने समाजवादी पार्टी के नेताओं को चौधरी चरण सिंह परिवार के योगदान की याद भी दिलाई.
2022 में भी 'चवन्नी' को लेकर चर्चा में आए थे जयंत
जयंत चौधरी की मौजूदा टिप्पणी का संबंध 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से भी है. उस समय जयंत सपा के सहयोगी थे और उन्होंने भाजपा के प्रस्तावों को खारिज कर दिया था. तब जयंत चौधरी ने कहा था कि वह चवन्नी नहीं हैं, जिसे आसानी से पलटा जा सके. अब अखिलेश यादव के 'चवन्नी का रुपया बना दिया' वाले बयान के बाद पुराना राजनीतिक संदर्भ फिर चर्चा में आ गया है.
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