आगरा के ताजमहल में खूबसूरत सुबह का अचानक बदला रंग, विदेशी महिला पर जानवर ने मारा झपट्टा, जो हुआ उसने सबको डरा दिया

आगरा के ताजमहल में एक विदेशी महिला पर्यटक का अनुभव डरावना हो गया जब बंदरों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया. एक बंदर ने उनके हाथ पर काट लिया, जिससे हड़कंप मच गया. यह पहली बार नहीं है जब पर्यटकों पर ऐसे हमले हुए हैं.

Agra Taj Mahal News: आगरा के ताजमहल में मंगलवार की सुबह एक विदेशी महिला पर्यटक के लिए यादगार होने के बजाय डरावनी बन गई. यूके से आई सुसान अपने दोस्तों के साथ ताज का दीदार कर रही थीं. तभी अचानक कुछ बंदरों ने उन्हें दौड़ा लिया. वह बचने के लिए किनारे की ओर भागीं, लेकिन एक बंदर ने झपट्टा मारकर उनके दाहिने हाथ में काट लिया. घटना के बाद महिला दर्द से चीख उठीं और परिसर में मौजूद लोगों के बीच भी अफरातफरी मच गई.

बंदरों ने अचानक कर दिया हमला

सुसान मंगलवार सुबह करीब 10 बजे ताजमहल परिसर पहुंची थीं. वह दोस्तों के साथ घूम रही थीं. इसी दौरान बंदरों का एक झुंड उनके पीछे दौड़ पड़ा. सुसान ने उनसे बचने की कोशिश की, लेकिन एक बंदर ने उन पर झपट्टा मार दिया. बंदर ने उनके दाहिने हाथ में काट लिया. आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह बंदर को भगाया.

गार्ड्स ने पहुंचाया अस्पताल

बंदर के हमले के बाद सुसान दर्द से परेशान हो गईं. लोगों ने तत्काल ताजमहल के गार्ड्स को इसकी जानकारी दी. इसके बाद उन्हें प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया. घटना के बाद ताजमहल घूमने आए दूसरे पर्यटकों में भी डर का माहौल बन गया.

पहले भी पर्यटकों पर हो चुके हैं हमले

ताजमहल परिसर में बंदरों के हमले का यह पहला मामला नहीं है. 31 अगस्त को हरियाणा से आए छह वर्षीय अयांश को मेहमानखाना के पास बंदर ने हाथ में काट लिया था. कर्नाटक के पर्यटक मोहम्मद अली पर पश्चिमी गेट के पास बंदर ने हमला किया था. जुलाई में दक्षिण कोरिया से आई एक महिला पर्यटक के हाथ पर पूर्वी गेट के पास बंदर ने काट लिया था.

सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल

रिपोर्ट्स के अनुसार इससे पहले पश्चिम बंगाल की एक महिला पर्यटक पर भी बंदर ने हमला किया था. उसके हाथ में आइसक्रीम देखकर बंदर ने झपट्टा मारा था. जून में छत्तीसगढ़ की पर्यटक सावित्री बाई कश्यप को अमरूद टीला के पास बंदर ने पीछे से काट लिया था. लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बाद पर्यटक ताजमहल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं. उनका कहना है कि विश्व प्रसिद्ध स्मारक में बंदरों के हमले रोकने के लिए प्रभावी इंतजाम किए जाने चाहिए.

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By अंजली कश्यप

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