UP News: माफिया अतीक अहमद के बेटे उमर को लेकर प्रयागराज आ रहे काफिले से जुड़े टोल विवाद में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है. अब तक चार गाड़ियां जब्त की जा चुकी हैं, जबकि एफआइआर में दर्ज 28 वाहनों की जांच की जा रही है. पुलिस इनके मालिकों और घटना के समय वाहनों में सवार लोगों की जानकारी जुटा रही है. मामला नवाबगंज टोल प्लाजा का है. पुलिस सुरक्षा में उमर और उसके भाई अली को उनके छोटे भाई अबान के जनाजे में शामिल होने के लिए प्रयागराज लाया जा रहा था. इसी दौरान 8 अगस्त की रात टोल प्लाजा पर उनके काफिले से जुड़े वाहनों को लेकर विवाद हुआ.
टोल बैरियर तोड़ने का आरोप
टोल प्रबंधन की शिकायत के मुताबिक, पुलिस वाहनों के पीछे बड़ी संख्या में निजी वाहन टोल प्लाजा पहुंचे. आरोप है कि काफिले में शामिल कुछ वाहनों ने टोल शुल्क दिए बिना बैरियर पार करने की कोशिश की और बैरियर तोड़ दिया. टोल कर्मचारियों ने रोकने का प्रयास किया तो कथित तौर पर उनके साथ गाली-गलौज और धमकी दी गई. पुलिस के अनुसार, घटना में करीब 25 से 30 वाहनों के शामिल होने की बात सामने आई थी. शिकायत के आधार पर 28 वाहनों के नंबर मुकदमे में दर्ज किए गए हैं.
दो थानों की पुलिस ने जब्त की चार गाड़ियां
मामले में नवाबगंज और हथिगवां थाने की पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो-दो वाहन जब्त किए हैं. अब बाकी वाहनों की तलाश और सत्यापन किया जा रहा है. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है. जांच में जो वाहन या व्यक्ति घटना में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
उमर के काफिले के पीछे चल रहे थे वाहन
पुलिस के अनुसार, उमर को कोर्ट के आदेश पर सुरक्षा घेरे में लखनऊ से प्रयागराज लाया जा रहा था. इसी दौरान बड़ी संख्या में वाहन उसके काफिले के पीछे चल रहे थे. टोल प्लाजा पर हुई घटना के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और अब एक-एक वाहन की पहचान की जा रही है. फिलहाल पुलिस की जांच 28 वाहनों पर केंद्रित है. सीसीटीवी फुटेज और दूसरे साक्ष्यों के आधार पर यह तय किया जाएगा कि बैरियर तोड़ने और टोल कर्मचारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार में कौन-कौन शामिल था.
