UP News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में इमामबाड़ा गुफरान मआब को लेकर शिया समुदाय के दो प्रमुख धर्मगुरुओं के बीच विवाद गहरा गया है. शिया धर्मगुरु मौलाना सैफ अब्बास ने मौलाना कल्बे जवाद पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि इमामबाड़ा गुफरान मआब परिसर में कब्रों की बिक्री की जा रही है और एक कब्र के लिए करीब 8 लाख रुपये तक वसूले जा रहे हैं. इन आरोपों के बाद शिया समुदाय में नई बहस छिड़ गई है.
कब्र की बिक्री धार्मिक और कानूनी दोनों लिहाज से गलत
मौलाना सैफ अब्बास ने कहा कि वक्फ की जमीन पर स्थित कब्रिस्तान की जमीन को बेचा नहीं जा सकता. उनका आरोप है कि इमामबाड़ा गुफरान मआब में दफनाने के नाम पर बड़ी रकम ली जा रही है, जो धार्मिक परंपराओं और वक्फ के नियमों के खिलाफ है. उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी उठाई.
कल्बे जवाद ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
दूसरी ओर, मौलाना कल्बे जवाद ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार और राजनीति से प्रेरित बताया है. उनका कहना है कि उन्हें बदनाम करने के उद्देश्य से इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास कोई ठोस सबूत है तो वह संबंधित एजेंसियों के सामने पेश करे.
पहले भी उठते रहे हैं ऐसे आरोप
इमामबाड़ा गुफरान मआब और उससे जुड़ी वक्फ संपत्तियों को लेकर पहले भी आरोप-प्रत्यारोप सामने आते रहे हैं. वर्ष 2015 में भी वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और कब्रों की बिक्री से जुड़े आरोप सार्वजनिक रूप से लगाए गए थे और जांच की मांग उठी थी. हालांकि उन मामलों में भी आरोपों का खंडन किया गया था.
शिया समुदाय की निगाहें विवाद पर
ताजा आरोपों के बाद लखनऊ का यह मामला शिया समुदाय में चर्चा का विषय बन गया है. अब सभी की नजर इस बात पर है कि संबंधित संस्थाएं या प्रशासन इन आरोपों पर कोई जांच या कार्रवाई करता है या नहीं. फिलहाल यह मामला आरोप और प्रत्यारोप के दौर में है तथा आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
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