Prayagraj News: आजादी के महान नायक चंद्रशेखर आजाद के नाम पर स्थापित उद्यान में स्थित इलाहाबाद संग्रहालय से कुल 60 अत्यंत दुर्लभ और उत्कृष्ट कलाकृतियों का चयन करके उन्हें दिल्ली स्थानांतरित करने की तैयारी तेजी से पूरी की जा रही है. इन चुनिंदा ऐतिहासिक अवशेषों में प्राचीन सिंधु घाटी तथा हड़प्पाकालीन महान सभ्यताओं के दौर की कई अमूल्य वस्तुएं सम्मिलित हैं. यह वृहद परियोजना देश के यशस्वी प्रधानमंत्री की एक दूरदर्शी अवधारणा का मुख्य हिस्सा है, जिसे वर्ष 2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.
सांस्कृतिक गौरव को नई पहचान देगा भव्य संग्रहालय
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्थित इस प्रसिद्ध संग्रहालय की कलात्मक निधि अब राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित होकर पूरी दुनिया के शोधकर्ताओं और पर्यटकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करेगी. इन चुनिंदा अवशेषों का सुरक्षित स्थानांतरण सुनिश्चित करने हेतु सभी आवश्यक मानक प्रोटोकॉल और प्रशासनिक प्रक्रियाओं का पूरी तत्परता से पालन किया जा रहा है. आने वाले समय में देश की राजधानी में निर्मित होने वाला यह भव्य 'युग-युगीन भारत' संग्रहालय भारत के समृद्ध सांस्कृतिक गौरव, प्राचीन इतिहास और विविध विरासत को एक ही छत के नीचे प्रदर्शित करेगा.
सुरक्षा और संरक्षण के कड़े इंतजाम
इन बहुमूल्य धरोहरों को बिना किसी क्षति के सुरक्षित राजधानी पहुंचाने के लिए संग्रहालय प्रशासन ने विशेष पैकिंग और उच्च स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था का खाका तैयार किया है. विशेषज्ञों की देखरेख में प्रत्येक वस्तु की स्थिति का गहन विश्लेषण किया जा रहा है ताकि परिवहन के दौरान उनकी मौलिकता बनी रहे. दिल्ली के इस विशाल परिसर में प्रदर्शित होने के बाद प्रयागराज की यह अमूल्य ऐतिहासिक कृतियां वैश्विक पटल पर भारत की प्राचीन हस्तशिल्प और समृद्ध निर्माण परंपरा की विशिष्ट पहचान को और अधिक मजबूती प्रदान करेंगी.
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