UP Crime News: लखनऊ के निगोहां इलाके से मोबाइल की EMI वसूली को लेकर हैरान करने वाला मामला सामने आया है. आरोप है कि मोबाइल की किस्त नहीं चुका पाने पर कुछ लोग 55 वर्षीय युवक नेवल को उसके गांव से अपने साथ ले गए और बंधक बना लिया. पीड़ित परिवार का दावा है कि उसे लखनऊ के एक ब्लड बैंक में ले जाकर जबरन एक यूनिट खून निकलवाया गया. इसके बाद उसे सदर इलाके के एक मकान में कई दिनों तक रखा गया और मजदूरी भी कराई गई.
21,500 रुपये के मोबाइल की 2,799 रुपये थी किस्त
पीड़ित की मां जदूराई के मुताबिक, नेवल ने करीब एक साल पहले निगोहां की गीता मोबाइल शॉप से 21,500 रुपये का सैमसंग मोबाइल जीरो डाउन पेमेंट पर खरीदा था. फोन की 12 महीने की EMI 2,799 रुपये तय हुई थी. परिवार का आरोप है कि पहली किस्त बकाया होने पर दुकान से जुड़े कुछ लोग उनके घर पहुंचे और मोबाइल अपने साथ ले गए. इसके करीब एक साल बाद 8 सितंबर को दो लोग स्कूटी से गांव पहुंचे और नेवल को अपने साथ ले गए.
ब्लड बैंक के बाद मकान में बंधक बनाने का आरोप
नेवल का आरोप है कि उसे पहले एक ब्लड बैंक ले जाया गया, जहां उसका एक यूनिट खून निकलवाया गया. इसके बाद उसे सदर क्षेत्र के एक मकान में कथित तौर पर बंधक बनाकर रखा गया. परिवार का आरोप है कि वहां उससे जबरन मजदूरी भी कराई गई. इसी दौरान आरोपियों ने उसके बड़े भाई राजकुमार को फोन किया और 2,799 रुपये मोबाइल की किस्त के नाम पर ऑनलाइन मंगवाए. परिवार ने जब नेवल को छोड़ने की मांग की तो कथित तौर पर 12 हजार रुपये और मांगे गए.
पैसे नहीं देने पर गोमती में फेंकने की धमकी
परिजनों का आरोप है कि रकम नहीं देने पर नेवल को जान से मारने और गोमती नदी में फेंकने की धमकी दी गई. इससे घबराए परिवार ने निगोहां थाने में शिकायत की. आरोप है कि पुलिस के हस्तक्षेप के बाद पांचवें दिन नेवल को रैपिड कैब से थाने भेजा गया और उसका किराया भी उसके भाई से ही भरवाया गया. थाने पहुंचने के समय नेवल बदहवास हालत में था. परिवार ने पुलिस पर शिकायत के बावजूद शुरुआती स्तर पर कार्रवाई नहीं करने का भी आरोप लगाया.
डीसीपी के निर्देश पर अब होगी जांच
घर लौटने के बाद नेवल ने परिजनों को पूरी घटना बताई. इसके बाद उसकी बुजुर्ग मां डीसीपी दक्षिणी मोहम्मद मुश्ताक के पास पहुंचीं. डीसीपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए निगोहां थाना प्रभारी को मुकदमा दर्ज करने और आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं. साथ ही पुलिस की कथित लापरवाही की जांच कराने की बात कही गई है. अब पुलिस युवक को बंधक बनाने, जबरन खून निकलवाने और EMI के नाम पर कथित वसूली समेत सभी आरोपों की जांच करेगी.
