Suryoday Yojana: अयोध्या से लौटते ही पीएम मोदी ने की 'सूर्योदय योजना' की घोषणा, जानें क्या है इसकी खासियत

सूर्यवंशी भगवान श्री राम के आलोक से विश्व के सभी भक्तगण सदैव ऊर्जा प्राप्त करते हैं. आज अयोध्या में प्राण-प्रतिष्ठा के शुभ अवसर पर मेरा ये संकल्प और प्रशस्त हुआ कि भारतवासियों के घरों की छतों पर उनका अपना सोलर रूफ टॉप सिस्टम हो.

अयोध्या में नवनिर्मित राम मंदिर में रामलला की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होकर दिल्ली लौटने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बड़ी योजना की घोषणा की है. पीएम मोदी ने सोमवार को कहा कि केंद्र सरकार ‘प्रधानमंत्री सूर्योदय योजना’ आरंभ करेगी.

एक करोड़ घरों की छतों पर लगाए जाएंगे सोलर पैनल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस सूर्योदय योजना की घोषणा की है. उसके तहत एक करोड़ घरों की छतों (रूफटॉप) पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे. उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, सूर्यवंशी भगवान श्री राम के आलोक से विश्व के सभी भक्तगण सदैव ऊर्जा प्राप्त करते हैं. आज अयोध्या में प्राण-प्रतिष्ठा के शुभ अवसर पर मेरा ये संकल्प और प्रशस्त हुआ कि भारतवासियों के घरों की छतों पर उनका अपना सोलर रूफ टॉप सिस्टम हो. उन्होंने कहा, अयोध्या से लौटने के बाद मैंने पहला निर्णय लिया है कि हमारी सरकार एक करोड़ घरों पर रूफटॉप सोलर पैनल लगाने के लक्ष्य के साथ प्रधानमंत्री सूर्योदय योजना प्रारंभ करेगी.


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बिजली बिल कम होगी, साथ ही ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर होगा भारत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सूर्योदय योजना की घोषणा करने के साथ ही इससे होने वाले फायदे के बारे में भी बताया. पीएम मोदी ने अपने ट्वीट में लिखा, इससे गरीब और मध्यम वर्ग का बिजली बिल तो कम होगा ही, साथ ही भारत ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भी बनेगा.

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रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा को प्रधानमंत्री मोदी ने अलौकिक क्षण बताया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या के मंदिर में रामलला की नई मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा को नए युग के आगमन का प्रतीक करार दिया. दोपहर 12 बजकर 29 मिनट पर रामलला के नवीन विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा की गयी. मोदी ने अपने संबोधन में कहा, आज, हमारे राम आ गए हैं. युगों के लंबे इंतजार के बाद हमारे राम आ गए हैं. हमारे रामलला अब टेंट में नहीं रहेंगे. हमारे रामलला एक भव्य मंदिर में रहेंगे. उन्होंने याद दिलाया कि ऐसा समय था जब कुछ लोगों ने कहा था कि अगर मंदिर बनाया गया तो देश में आग लग जाएगी. मोदी ने कहा, मैं उन लोगों से पुनर्विचार करने का आग्रह करूंगा. राम अग्नि नहीं बल्कि ऊर्जा हैं. राम कोई विवाद नहीं हैं, बल्कि समाधान हैं. राम सिर्फ हमारे नहीं हैं, बल्कि सभी के हैं. राम सिर्फ वर्तमान नहीं हैं, बल्कि अनंत काल हैं. प्रधानमंत्री ने 84 सेकंड के ‘अभिजीत मुहूर्त’ के दौरान ‘प्राण प्रतिष्ठा’ के साथ ‘गर्भगृह’ में कई अनुष्ठान किए. अंत में मोदी ने राम के बाल रूप की 51 इंच की मूर्ति को साष्टांग प्रणाम किया.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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