कोरोना से जंग: योगी सरकार जारी करेगी ई-पास, जानिए कैसे करें ऑनलाइन आवेदन

आम लोगों को लॉकडाउन के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की आपूर्ति के ई-पास ऑनलाइन जारी करने की व्यवस्था की है.

बलिया. आम लोगों को लॉकडाउन के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की आपूर्ति के ई-पास ऑनलाइन जारी करने की व्यवस्था की है. यह व्यवस्था मुख्य रूप से सूचीबद्ध आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति करने वाली संस्थाओं के लिए जारी करने के लिए की गयी है. विशेष परिस्थितियों में आमजन चिकित्सा सेवाएं प्राप्त करने के लिए ही ई-पास का आवेदन कर सकते हैं. प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश शासन राजेन्द्र कुमार तिवारी ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को पत्र जारी कर दिया गया है. पत्र राजस्व अनुभाग-11, संख्या 210/एक-11-2020, 2 अप्रैल 2020 को जारी किया गया है. पत्र में कहा गया है कि यदि किसी क्षेत्र में आवश्यक वस्तुओं व सेवाओं की आपूर्ति आमजन को प्राप्त नहीं हो पा रही हो, तो उनके द्वारा इसकी शिकायत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1067 पर की जा सकती है.

आवेदन के लिए सरकार ने लिंक (http://164.100.68.164/upepass2) ओपन कर दिया है. संस्थागत पास के लिये एक संस्था आवेदक सहित अधिकतम पांच कर्मियों के लिए पास का आवेदन कर सकती है. आवेदन पत्र का परीक्षण प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा किया जाएगा. इसके बाद उसे स्वीकृत या अस्वीकृत किया जाएगा. स्वीकृत किये गये आवेदनों को के लिए ई-पास ऑनलाइन जारी किये जायेंगे. जिसे आवेदक प्राप्त एसएमएस में दिए गए लिंक पर क्लिक कर डाउनलोड/प्रिंट कर उपयोग कर सकेंगे. ई-पास की इलेक्ट्रानिक कापी भी मान्य होगी. संस्थानों के लिए जारी ई-पास लॉकडाउन की अवधि तक ही वैध होगी, जबकि आमजन के लिए जारी जनपदीय ई-पास की वैधता एक दिन और अंतर्जनपदीय ई-पास की वैधता दो दिवस की होगी.

पत्र में कहा गया है कि चेकिंग के दौरान ई-पास का सत्यापन QR-code के माध्यम से पुलिसकर्मी द्वारा किया जायेगा. जारी किए गए पत्र में ई-पास मात्र अत्यावश्यक एवं लॉकडाउन की अवधि में परिस्थितिजन्य कठिनाइयों के निवारण हेतु ही निर्गत करने तथा संक्रमण पर अंकुश लगाने के लिये ई-पास जारी करने में सावधानी बरतने को भी कहा गया है. अधिकृत अधिकारियों, पुलिस आदि द्वारा ई-पास की चेकिंग के समय आवेदक को आवेदन के समय अपलोड किया गया फोटोयुक्त पहचान-पत्र पत्र दिखाना जरूरी होगा.

ये है संस्थागत सेवाएं

01. खाद्य सामग्री, 02. जनरल प्रोविजन स्टोर, 03. रेस्टोरेंट्स, 0 4. आवश्यक वस्तुओं यथा-भोजन, दवाओं एवं चिकित्सा उपकरणों से संबंधित ई-कॉमर्स 05. राशन की दुकान, 06. विद्युत विभाग, 07 जलापूर्ति, 08.डेरी प्लांट, 09. बैंकिंग (एटीएम सहित) 10. दवाओं की दुकानें एवं फार्मेसी, 11. प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया,12. वित्त एवं लेखा कार्मिक (मात्र वेतन, मानदेय, कंटीजेंसी, स्वास्थ्य व अन्य आवश्यक वस्तुओं से संबंधित व्यय हेतु) 13. दूरसंचार इंटरनेट एवं डाक सेवाए, 14. पेट्रोल पंप (एलपीजी, सीएनजी, तेल एजेन्स गोदाम एवं परिवहन सहित), 15. पशु पक्षियों हेतु चारा-दाना , 16. उपरोक्त वर्णित वस्तुओं व सेवाओं से संबंधित विनिर्माण, अनुरक्षण-उत्पादन, प्रोसेसिंग, परिवहन, संग्रहण, वितरण, व्यापार परिचालन आदि,17. अग्निशमन, 18. कारागार नगर, 19. नगर निकाय संबंधित सेवाएं, 20.विधानसभा परिषद से संबंधित कार्य, 21. कानून-व्यवस्था एवं मजिस्ट्रेट दायित्व के निर्वहन हेतु, 22. अन्य अनावश्यक सेवाए, व्यवस्थाएं जिन्हें सरकार द्वारा छूट प्रदान की जाए.

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लेखक के बारे में

Author: Radheshyam Kushwaha

Published by: Prabhat Khabar

राधेश्याम कुशवाहा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से MJ (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत भोपाल से प्रकाशित राज एक्सप्रेस समाचार पत्र से की. इसके बाद उन्होंने समय जगत, राजस्थान पत्रिका और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं. वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म, अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 13 वर्षों का अनुभव रखने वाले राधेश्याम कुशवाहा को ज्योतिष शास्त्र, पंचांग गणना, ग्रह गोचर, नक्षत्र परिवर्तन, व्रत-त्योहारों की तिथियों तथा शुभ मुहूर्तों का गहन ज्ञान है. अपनी विशेषज्ञता के आधार पर वे धर्म-अध्यात्म और राशिफल से जुड़ी सटीक, तथ्यपरक एवं विश्वसनीय खबरें लिखते हैं. धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन में उनकी विशेष रुचि है. इसके अलावा राजनीति, अपराध और प्रेरणादायक (पॉजिटिव) विषयों पर लेखन में भी उनकी गहरी रुचि है.

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