राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का जश्न मनाने की तैयारी में VHP, देशभर में 25 मार्च से कार्यक्रम

राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का जश्न मनाने की तैयारी विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) कर रहा है. इसके लिए देशभर में कार्यक्रम आयोजित करने का खाका बनाया जा रहा है.

राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का जश्न मनाने की तैयारी विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) कर रहा है. इसके लिए देशभर में कार्यक्रम आयोजित करने का खाका बनाया जा रहा है. विहिप की ओर से कहा गया है कि वह देश में 200 से अधिक स्थानों पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर राम जन्मभूमि मामले में कोर्ट से मिली “जीत” का जश्न मनाएगा. ये कार्यक्रम 25 मार्च से आठ अप्रैल के बीच आयोजित किये जाएंगे.

दक्षिणपंथी संगठन ने केंद्र से दिल्ली में “हिंदू समुदाय के खिलाफ” दंगे में संलिप्त लोगों पर कड़ी कार्रवाई का भी आग्रह किया है. आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल नवंबर में सुनाये अपने फैसले में अयोध्या में राममंदिर निर्माण का रास्ता साफ किया था. कोर्ट के आदेशानुसार मंदिर निर्माण के लिए पिछले महीने 15 सदस्यीय एक न्यास का गठन किया था.

वीएचपी महासचिव मिलिंद परांदे ने कहा कि वीएचपी द्वारा एक लंबी लड़ाई का नेतृत्व करने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने हमारे पक्ष में फैसला सुनाया था. अब जब केंद्र ने एक स्वतंत्र न्यास का गठन कर दिया है तब हमें उम्मीद है कि अयोध्या में शीघ्र ही भव्य राम मंदिर का निर्माण होगा. उन्होंने कहा कि राम मंदिर के पक्ष में कोर्ट के निर्णय को लेकर हम 25 मार्च से आठ अप्रैल के बीच वृहद स्तर पर जश्न मनाएंगे. हम बड़ी रथयात्राएं निकालेंगे, 1992 से 1994 के बीच कारसेवा में हिस्सा लेने वालों के लिए सम्मान कार्यक्रम आयोजित करेंगे और दो सौ से अधिक स्थानों पर कार्यक्रम करेंगे.

यह पूछे जाने पर कि क्या कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए वीएचपी अपने तयशुदा कार्यक्रम आयोजित करेगा, परांदे ने कहा कि आवश्यक स्वास्थ्य एहतियात बरतने के बाद सभी कार्यक्रम आयोजित होंगे. शाहीन बाग में हो रहे प्रदर्शन और दिल्ली में हुई हिंसा पर पूछे गये प्रश्न के जवाब में परांदे ने कहा कि विरोध प्रदर्शन “हिन्दू विरोध” में तब्दील हो चुके हैं और राजधानी में हुए दंगों में कई हिन्दुओं ने अपनी जान गंवाई.

परांदे ने कहा कि दिल्ली की आप सरकार और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी को करदाताओं के पैसे से मुस्लिम मौलवियों को वेतन देना बंद करना चाहिए.

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Author: Amitabh Kumar

Published by: Prabhat Khabar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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