लव जिहाद पर रोक लगाने वाले अध्यादेश को राज्यपाल की मंजूरी, 10 साल तक की सजा का प्रावधान

Unlawful Conversion of Religion Ordinance 2020: उत्तरप्रदेश में लव जिहाद के खिलाफ राज्य सरकार के अध्यादेश को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही गैरकानूनी तरीके से धर्मांतरण कानून प्रदेश में लागू हो गया है.

Unlawful Conversion of Religion Ordinance 2020: उत्तरप्रदेश में लव जिहाद के खिलाफ बने अध्यादेश को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मंजूरी दे दी है. इसके साथ गैरकानूनी तरीके से धर्मांतरण पर बना कानून प्रदेश में लागू हो गया है. इसके पहले 24 नवंबर को कैबिनेट ने अध्यादेश को मंजूरी दी थी. कैबिनेट से मंजूरी के बाद अध्यादेश को राज्यपाल के पास भेजा गया था. हालांकि, अध्यादेश को विधानसभा में पास कराना बाकी है. इसे छह महीने के अंदर विधानसभा से पास कराना जरूरी होगा

Also Read: Farmers Protest Live : किसानों के समर्थन में उतरे राहुल-प्रियंका, ट्वीट कर कही यह बात
नए कानून में सजा का प्रावधान कितना है?

  • धोखे (जबरन भी) से धर्म परिवर्तन:- 1 से 5 साल की सजा, 15,000 जुर्माना

  • एससी/एसटी (नाबालिग और महिला) के मामले में:- 3 से 10 साल की सजा, 25,000 जुर्माना


राम नाम सत्य तय है- योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ लंबे समय से लव जिहाद के खिलाफ कड़े कानून बनाने की बात करते रहे हैं. पिछले दिनों उत्तर प्रदेश में हुए उप चुनावों के प्रचार के दौरान भी योगी आदित्यनाथ ने लव जिहाद के खिलाफ कानून बनाने की बात कही थी. योगी आदित्यनाथ ने कई मौकों पर कहा था कि राज्य सरकार लव जिहाद को अंजाम देने वालों को कड़ी सजा देगी. उन पर कड़ी कार्रवाई के लिए राज्य सरकार खास अध्यादेश लाएगी. लव जिहाद वालों का राम नाम सत्य तय है. अब राज्य में कानून लागू हो गया है.


Also Read: परमाणु वैज्ञानिक फखरीजादेह की हत्या के बाद ईरान-इजराइल फिर आमने-सामने, अमेरिका पर भी गंभीर आरोप
दूसरे प्रदेश में कानून की क्या स्थिति है?

उत्तर प्रदेश के बाद मध्यप्रदेश और हरियाणा में भी लव जिहाद के खिलाफ कानून लाए जाने की बातें सामने आई है. मध्यप्रदेश की शिवराज सिंह चौहान ने संभावित कानून का ड्राफ्ट भी तैयार कर लिया है. हरियाणा सरकार के मंत्री अनिल विज ने प्रदेश में लव जिहाद के खिलाफ जल्द कानून लाने की बात कही थी.

खास बात यह है कि लव जिहाद के खिलाफ कानून बीजेपी शासित प्रदेशों में बनाए जा रहे हैं. दूसरी तरफ कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों ने कानून के प्रावधानों पर केंद्र और राज्य सरकारों से सवाल भी पूछना शुरू कर दिया है. राजनीतिक दलों के विरोध के बावजूद शनिवार से उत्तर प्रदेश में कानून लागू हो गया है.

Posted : Abhishek.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >