UP Vidhan Sabha Budget Session: योगी 2.0 सरकार की सत्ता में वापसी के बाद आज 18वीं विधानसभा का पहला सत्र विपक्ष के जोरदार हंगामे के बीच शुरू हुआ. सत्र की शुरुआत गर्वनर आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण के साथ की गई है. अभिभाषण शुरू होने से पहले ही समाजवादी पार्टी के विधायक बैनर और पोस्टर लेकर सदन के बीचों-बीच आ गए और नारेबाजी करने लगे.
इसी शोरगुल के बीच आनंदीबेन पटेल ने अभिभाषण पढ़ना शुरू किया. उन्होंने राज्य सरकार की विभिन्न उपलब्धियों का जिक्र किया. विपक्षी सदस्य हाथों में तख्तियां और बैनर थामे हुए थे, जिन पर पुरानी पेंशन की बहाली, कानून-व्यवस्था व छुट्टा पशुओं की समस्या समेत विभिन्न मुद्दों का जिक्र था. फिलहाल, विधानसभा की कार्यवाही कल 11 बजे तक के लिए स्थगित हो गई है.
दरअसल, 18वीं विधानसभा के पहले सत्र में रंग-बिरंगा नजारा देखने को मिला. सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों के ही सदस्य अपनी-अपनी पार्टियों के ध्वज के रंग की टोपियां और अंग वस्त्र पहने नजर आए. इस बार विधानसभा की कार्यवाही को कागज रहित करते हुए डिजिटल बनाया गया है और हर सदस्य के लिए उसकी सीट निर्धारित की गई है. यही नहीं, हर सीट पर एक टैबलेट लगा हुआ है, जिसके माध्यम से विधायक सवाल-जवाब की प्रक्रिया में शामिल हो सकते हैं.
पूरी तरह से डिजिटल हुई यूपी विधानसभाहालांकि, कार्यवाही और सीट निर्धारण का यह डिजिटल स्वरूप हर किसी के लिए आसान नहीं रहा और कई सदस्य अपनी-अपनी सीट खोजते नजर आए. इसके अलावा कई सदस्य सीट पर लगे टैबलेट को शुरू करने में संघर्ष करते दिखे. सपा के कई विधायक टैबलेट पर अपनी पार्टी का पेज खोलते नजर आए. विधानसभा की गैलरी में सपा सदस्यों ने महंगाई, बेरोजगारी के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया. सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव भी प्रदर्शन में शामिल हुए. ऐसे में शोरगुल और नारेबाजी के बीच राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अभिभाषण पढ़ा.
जैसा की कयास लगाए जा रहे थे कि विपक्ष महंगाई और बेरोजगारी समेत विभिन्न मुद्दों पर विधानसभा में सरकार का घेराव करेगा, जोकि विधानसभा में देखने को भी मिला. विधानसभा में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने शोरगुल और नारेबाजी के बीच अभिभाषण पढ़ा. इस बीच सपा और आरएलडी के विधायकों ने जमकर हंगामा काटा. पोस्टर और बैनर लेकर विधायकों ने बीजेपी सरकार का विरोध किया.
बजट सत्र से पहले सीएम योगी ने बुलाई सर्वदलीय बैठकसत्र से एक दिन पहले यानी 22 मई को सीएम योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में सर्वदलीय बैठक की. बैठक में विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना, सपा से इंद्रजीत सरोज, आराधना मिश्रा मोना और राजा भैया और बसपा विधायक उमाशंकर जैसे दिग्गज नेता भी मौजूद रहे. इस बैठक का आयोजन विधान मंडल के बजट सत्र को ध्यान में रखते हुए किया गया.
महंगाई और कानून व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को घरने की तैयारीइधर, सत्र से एक दिन पहले सपा के विधान मंडल दल की बैठक का भी आयोजन किया गया. अखिलेश यादव की अध्यक्षता में समाजवादी पार्टी के दफ्तर में विधायकों की बैठक की गई. बैठक में सपा के सभी विधान सभा सदस्य बुलाए गए थे. इसके अलावा विधान परिषद सदस्यों को भी बुलाया गया है. विपक्ष ने महंगाई और कानून व्यवस्था समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर सदन में सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर ली है.
26 मई को पेश होगा बजटदरअसल, 26 मई को सरकार दोनों सदनों में वित्तीय वर्ष 2022-23 का बजट पेश करेगी. योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट होगा. विधानमंडल के पिछले सत्र के बाद लाए गए चार अध्यादेशों के प्रतिस्थानी विधेयकों को भी सरकार बजट सत्र में पारित कराएगी.
