UP News: सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने गैंगस्टर से नेता बने मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) की पत्नी अफशां अंसारी (Afshan Aansari) द्वारा दायर याचिका पर हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया. साथ ही, कोई आदेश पारित करने से भी इनकार कर दिया, जिसमें उनके पति और मऊ, यूपी के एक विधायक की लंबित मामलों की सुनवाई के दौरान सुरक्षा की मांग की गई थी.
बता दें, बीएसपी (BSP) नेता मुख्तार अंसारी की पत्नी अफशां अंसारी और बेटे उमर अंसारी ने प्रयागराज की विशेष अदालत में एक अर्जी दाखिल की है, जिसमें जेल के अंदर मुख्तार की जान को खतरा बताया गया है. आवेदन में कहा गया कि बैरक के अंदर और बाहर, यहां तक कि बाथरूम में भी सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिससे उन्हें परेशानी हो रही है.
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मेडिकल टीम नहीं कर रही नियमित जांच
अर्जी में कहा गया, मेडिकल टीम द्वारा नियमित आधार पर कोई स्वास्थ्य जांच नहीं की जा रही है, जिसका गठन मुख्तार के पंजाब के रोपड़ जिले से बांदा जेल में स्थानांतरित किए जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर किया गया था. मुख्तार की पत्नी और बेटे ने अधिकारियों से मामले की जांच करने का अनुरोध किया.
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एसटीएफ ने एंबुलेंस चालक को किया गिरफ्तार
इससे पहले, 30 जून को उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) ने बसपा नेता मुख्तार अंसारी की एंबुलेंस के चालक सलीम को राजधानी लखनऊ के जानकीपुरम इलाके से गिरफ्तार किया था, जो अंसारी के खिलाफ चल रहे मामलों की जांच में मदद करेगा. एसटीएफ टीम द्वारा पूछताछ में सलीम ने मुख्तार से अपनी नजदीकियों का खुलासा किया और लंबे समय तक उसके गिरोह का हिस्सा होने की बात भी स्वीकार की.
पुलिस के मुताबिक, 12 अप्रैल तक अंसारी के खिलाफ यूपी और अन्य राज्यों में करीब 52 मामले दर्ज हैं. उसे 7 अप्रैल को यूपी की बांदा जिला जेल में स्थानांतरित किया गया था. 27 अप्रैल को मुख्तार कोरोना पॉजिटिव पाया गया. उसे एक अत्यधिक सुरक्षित आइसोलेशन बैरक में स्थानांतरित किया गया था.
Posted by : Achyut Kumar
