Lucknow News: केंद्र सरकार ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) और उसके 8 सहयोगी संगठनों पर देश में 5 साल के लिए प्रतिबंध (Ban) लगा दिया है. देश के अलग-अलग राज्यों में पीएफआई के ठिकानों पर एनआईए (NIA) की ताबड़तोड़ छापेमारी के बाद इस संगठन को बैन किया गया है. इस बीच आज यूपी (UP) में जुमे की नमाज को लेकर अलर्ट जारी किया है. इस संबंध में सभी जिला कप्तानों को निर्देश जारी किए गए हैं.
पीएफआई पर बैन के बाद आज जुमे की पहली नमाज है. ऐसे में मेरठ, गाजियाबाद, सहारनपुर समेत प्रदेश के सभी जिले में पुलिस-प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है. पुलिस मुख्यालय से सभी जिला कप्तानों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गये हैं. साथ ही पुलिस अफसरों को फुट पेट्रोलिंग के भी निर्देश दिए हैं.
फुट पेट्रोलिंग के अलावा सोशल मीडिया की होगी मॉनिटरिंगप्रदेश में शांति व्यवस्था न बिगड़ने पाए इसके लिए फुट पेट्रोलिंग के अलावा सोशल मीडिया की मॉनिटरिंग करने से साथ ही अफवाहों का खंडन कर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए गये हैं. गृह मंत्रालय के अनुसार, जांच में पता चला है कि पीएफआई और इसके सहयोगी संगठन देश में असुरक्षा की भावना को बढ़ावा देकर एक समुदाय में कट्टरपंथ को बढ़ावा देने का काम कर रहे हैं.
यूपी में पीएफआई के 57 सदस्य गिरफ्तारकट्टरपंथी इस्लामी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के खिलाफ देश भर में चले अभियान में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) 230 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इसमें यूपी से 57 लोगों को हिरासत में लिये गये हैं. सबसे ज्यादा 80 लोग कर्नाटक से हिरासत में लिये गए हैं. इसके बाद यूपी का नंबर है. इस कार्रवाई के बाद देशभर के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बलों की तैनाती की गयी है.
केन्द्र सरकार ने पापुलर फ्रंट आफ इंडिया (PFI) और 8 सहयोगी संगठनों पर देश विरोधी गतिविधियों के चलते UAPA के तहत पांच साल का प्रतिबंध लगाया है. केंद्र के इस फैसले का यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नेद स्वागत किया है. उन्होंने कहा कि किसी भी ऐसे देशविरोधी संगठन पर बैन लगाना देशहित में है. केंद्र का यह फैसला स्वागत योग्य है. उन्होंने कहा, ‘यह ‘नया भारत’ है, यहां आतंकी, आपराधिक और राष्ट्र की एकता व अखंडता तथा सुरक्षा के लिए खतरा बने संगठन एवं व्यक्ति स्वीकार्य नहीं.’
