अयोध्या : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अयोध्या में भगवान राम के चिर प्रतीक्षित राम मंदिर का भूमि पूजन किया. भूमि पूजन के बाद पीएम मोदी ने कोरोना संकट का जिक्र करते हुए कहा कि कोरोना की वजह से जिस तरह के हालात हैं, प्रभु राम का मर्यादा का मार्ग आज और अधिक आवश्यक है. वर्तमान की मर्यादा है, दो गज की दूरी और मास्क है जरूरी.
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि जब- जब मानवता ने राम को माना है विकास हुआ है, जब -जब हम भटके हैं, विनाश के रास्ते खुले हैं. हमें सभी की भावनाओं का ध्यान रखना है. हमें सबके साथ से, सबके विश्वास से, सबका विकास करना है.
पीएम मोदी ने अपने इस संदेश से अपने विरोधियों को जवाब दिया है. साथ ही उन्होंने मंदिर निर्माण में जुटे लोगों को भी संदेश दिया है कि वे संयम रखें और अति उत्साह में ना आयें. उन्होंने अपने संदेश में कहा कि श्रीराम समय, स्थान और परिस्थितियों के हिसाब से बोलते हैं, सोचते हैं, करते हैं. राम हमें समय के साथ बढ़ना सिखाते हैं, चलना सिखाते हैं. उन्होंने कहा कि राम परिवर्तन के पक्षधर हैं, राम आधुनिकता के पक्षधर हैं.
पीएम मोदी ने कहा कि उनकी इन्हीं प्रेरणाओं के साथ, श्रीराम के आदर्शों के साथ भारत आज आगे बढ़ रहा है. हमें ये सुनिश्चित करना है कि भगवान श्रीराम का संदेश, हमारी हजारों सालों की परंपरा का संदेश, जिसे पूरे विश्व तक हमें पहुंचाना है. उन्होंने कहा कि हमारे इस ज्ञान, हमारी जीवन-दृष्टि से विश्व परिचित हो, ये हम सबकी, हमारी वर्तमान और भावी पीढ़ियों की ज़िम्मेदारी है.
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि भगवान राम अब टेंट में नहीं रहेंगे उनके लिए यहां एक भव्य मंदिर बनेगा. सदियों का इंतजार अब खत्म हो गया है. हजारों लोग ऐसे हैं जिन्हें यह विश्वास ही नहीं हो रहा है कि उनके सामने ये सब हो रहा है.
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज हर देशवासी भावुक है, हर मन दीपमय है. सदियों का इंतजार समाप्त हो रहा है.. मुझे विश्वास है, हम सब आगे बढ़ेंगे, देश आगे बढ़ेगा. उन्होंने कहा कि भगवान राम का ये मंदिर युगों-युगों तक मानवता को प्रेरणा देता रहेगा, मार्गदर्शन करता रहेगा.
पीएम मोदी ने कहा कि उनकी इन्हीं प्रेरणाओं के साथ, श्रीराम के आदर्शों के साथ भारत आज आगे बढ़ रहा है. हमें ये सुनिश्चित करना है कि भगवान श्रीराम का संदेश, हमारी हजारों सालों की परंपरा का संदेश, जिसे पूरे विश्व तक हमें पहुंचाना है.
Posted By : Rajneesh Anand
