Noida Twin Tower Demolition: बस धूल का एक गुबार दिखा और गुम हो गई 40 मंजिला इमारत, देखें Video

ट्विन टावर को ढहाने के बाद इससे हजारों टन मलबा निकलेगा, जिसे आगे चलकर बेचा भी जा सकता है. मलबे की कुल कीमत 13 करोड़ लगायी जा रही है. जानकारों की मानें, तो मलबा खरीदने और उसे बेचने का बिजनेस जबरदस्त मुनाफेवाला है. सामान्य तौर पर एक ट्रैक्टर ट्रॉली का मलबा 500-800 रुपये प्रति ट्रॉली बिकता है.

Noida Twin Towers Demolition: रविवार को दोपहर के ढाई बजते ही नोएडा का ट्विन टावर एक बटन दबाकर ही ध्वस्त कर दिया गया. देखते ही देखते मात्र 12 सेकेंड में कुतुबमिनार से सात-आठ मीटर ऊंची इमारत को मलबे के ढेर में बदल दिया गया. इसी के साथ भ्रष्टाचार पर करारा प्रहार करते हुए सुपरटेक ट्विन टावर्स को इतिहास में दर्ज कर दिया.


कुछ पल के लिए कांप गई धरती

इस इमारत को गिराने के लिए करीब 3700 किलो विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया था. एक्सपट्र्स की देखरेख में इस इमारत को जैसे ही दोपहर के 2:30 बजे एक तेज धमाके के ढहा दिया गया. 40 मंजिला इमारत को गिरने में महज आठ सेकंड का वक्त लगा. इसके बाद कई किलोमीटर तक धूल का गुबार फैल गया. एहतियात के तौर पर धूल के गुबार को बैठाने के लिए तुरंत ही पानी का छिड़काव किया गया. उधर, ब्लास्ट वाले स्थल के करीब लोगों को एक तेज कंपन्न महसूस हुआ. कुछ देर के लिए सब खामोश हो गए.

13 करोड़ का मलबा एकत्र होने का अंदेेशा

ट्विन टावर को ढहाने के बाद इससे हजारों टन मलबा निकलेगा, जिसे आगे चलकर बेचा भी जा सकता है. मलबे की कुल कीमत 13 करोड़ लगायी जा रही है. जानकारों की मानें, तो मलबा खरीदने और उसे बेचने का बिजनेस जबरदस्त मुनाफेवाला है. आंकड़ों में बात करें, तो सामान्य तौर पर एक ट्रैक्टर ट्रॉली का मलबा 500-800 रुपये प्रति ट्रॉली बिकता है.

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By Prabhat Khabar News Desk

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