Gyanvapi Case: ज्ञानवापी केस में इलाहाबाद HC ने 30 सितंबर तक एएसआई के सर्वे पर बढ़ाई रोक, जानें क्यों?

हिंदू पक्ष ने HC में काउंटर एफीडेविट दाखिल है. पिछली सुनवाई पर यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ की ओर से सप्लीमेंट्री एफिडेविट दाखिल किया गया था. मस्जिद की इंतजामिया कमेटी की ओर से बहस पूरी हो चुकी है. मस्जिद इंतजामिया कमेटी ने 31 साल पहले वाराणसी जिला कोर्ट में दाखिल मुकदमे की पोषणीयता पर सवाल उठाये हैं.

Gyanvapi Dispute Case Update: बहुचर्चित ज्ञानवापी विवाद से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाइकोर्ट में मंगलवार को सुनवाई हुई. कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 12 सितंबर की डेट तय की है. इस संबंध में याची के अधिवक्ता पुनीत गुप्ता ने बताया कि इलाहाबाद हाइकोर्ट ने एसीएस होम से उनका व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है कि वह प्रदेश सरकार का मत स्पष्ट करें. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 30 सितंबर तक एएसआई के सर्वे पर रोक बढ़ा दी है. जस्टिस प्रकाश पाडिया की सिंगल बेंच ने यह सुनवाई की.

क्या है पूरा मामला? 

जानकारी के मुताबिक, हिंदू पक्ष की ओर से हाइकोर्ट में काउंटर एफीडेविट दाखिल किया गया है. पिछली सुनवाई पर यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ की ओर से सप्लीमेंट्री एफिडेविट दाखिल किया गया था. मस्जिद की इंतजामिया कमेटी की ओर से बहस पूरी हो चुकी है. अपनी दलीलों में मस्जिद इंतजामिया कमेटी ने 31 साल पहले वाराणसी जिला कोर्ट में दाखिल मुकदमे की पोषणीयता पर सवाल उठाये हैं. यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड की दलील है कि विवादित स्थल सुन्नी वक्फ बोर्ड की संपत्ति है. ऐसे सवाल है कि वाराणसी की अदालत में 31 साल पहले 1991 में दाखिल मुकदमे की सुनवाई हो सकती है या नहीं? इलाहाबाद हाइकोर्ट को मुख्य रूप से यही तय करना है. इसके अलावा ज्ञानवापी मामले में एएसआई से खोदाई कराकर सर्वेक्षण कराए जाने समेत कई अन्य मुद्दों पर भी बहस जारी है.

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रिपोर्ट : प्रयागराज से वीरेंद्र पाठक

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