गोरखपुर में व्यापारी की मौत मामलाः कानपुर में परिजनों ने शव का दाह संस्कार रोका, सीएम योगी को बुलाने पर अड़े

UP News: गोरखपुर में व्यापारी की मौत मामले में परिजनों ने दाह संस्कार रोक दिया है. वे सीएम योगी को बुलाने की जिद पर अड़े हुए हैं.

UP News: कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता की गोरखपुर के होटल में पुलिस पिटाई से हुई मौत का मामला गर्मा गया है. कानपुर लाने के बाद परिवार के लोगों ने घर के बाहर शव रखकर जाम लगा दिया. वे मुख्यमंत्री को बुलाने, परिवार को 50 लाख मुआवजा देने और मृतक की पत्नी मीनाक्षी को सरकारी नौकरी देने की मांग कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि जब तक यह मांगें पूरी नहीं होती वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे. बाद में पुलिस कमिश्नर असीम अरुण, डीसीपी साउथ रवीना त्यागी और एसडीएम ने मनीष गुप्ता के परिजनों से बातचीत की. उनके समझाने के बाद वे शवदाह को राजी हो गए थे.

शव उठाने की तैयारी हो रही थी कि एक बार फिर कुछ लोगों के कहने पर वापस रखकर धरना शुरू कर दिया गया. सपा के कार्यकर्ता भी वहां पहुंच गए. नारेबाजी शुरू हो गई. लोगों की मांग पर पुलिस फोर्स वहां से हट गई. परिवार के लोगों के आग्रह पर सपा के कार्यकर्ता भी वहां चले गए.

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पुलिस की पिटाई से मौत का आरोप

कानपुर के बर्रा निवासी मनीष गुप्ता अपने दोस्त प्रदीप कुमार और हरवीर सिंह के साथ गोरखपुर घूमने गए थे. तीनों वहां रामगढ़ ताल होटल कृष्णा पैलेस के एक ही कमरे में ठहरे थे. आरोप है कि सोमवार की रात चे‌किंग को कमरे में पहुंची पुलिस की पिटाई से मनीष गंभीर रूप से घायल हो गए, जिस पर उन्हें मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई.

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छह पुलिस वालों के खिलाफ मामला दर्ज

मंगलवार सुबह कानपुर से मनीष की पत्नी व अन्य लोग गोरखपुर पहुंचे और पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए धरना दिया. मौत के बाद रात 9:00 बजे डीएम और एसएसपी मेडिकल कॉलेज पहुंचे. पत्नी और घरवालों से करीब तीन घंटे की बातचीत चली. पत्नी मीनाक्षी ने तहरीर को बदला और तीन नामजद व तीन अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ तहरीर दी और पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर लिया है. पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के बाद परिवार को सौंप दिया जिसे वे कानपुर ले आए.

मुख्यमंत्री ने 10 अनुग्रह राशि देने का आदेश दिया

गोरखपुर के डीएम विजय किरन आनंद ने बताया था कि मुख्यमंत्री ने मामले में पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए 10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने का आश्वासन दिया हैं. उन्होंने पीड़ित की पत्नी से तहरीर लेकर मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया. इसके बाद मुकदमा दर्ज किया गया है.

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Posted By : Achyut Kumar

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