मैनपुरी उपचुनाव: डिंपल यादव को चुनौती देंगे रघुराज शाक्य, यूपी उपचुनाव के लिए BJP ने जारी की लिस्ट

मैनपुरी उपचुनाव: बीजेपी ने रामपुर, खतौली और मैनपुरी में होने वाले उपचुनाव के लिए उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है. पार्टी ने रामपुर से आकाश सक्सेना, खतौली से राजकुमारी सैनी और मैनपुरी से रघुराज सिंह शाक्य के नाम का ऐलान किया है.

मैनपुरी उपचुनाव: बीजेपी ने रामपुर, खतौली और मैनपुरी में होने वाले उपचुनाव के लिए उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है. पार्टी ने रामपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए आकाश सक्सेना, और खतौली विधानसभा उपचुनाव के लिए राजकुमारी सैनी के नाम का ऐलान किया है. इसके अलावा सपा के गढ़ मैनपुरी में पार्टी ने रघुराज सिंह शाक्य को अपना उम्मीदवार बनाया है. मैनपुरी लोकसभा उपचुनाव के लिए सपा पहले ही डिंपल यादव के नाम का ऐलान कर चुकी है.

मैनपुरी उपचुनाव में डिंपल यादव को चुनौती देंगे रघुराज सिंह शाक्य

इधर, सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने मैनपुरी लोकसभा पर अपनी पत्नी और पूर्व सांसद डिंपल यादव को मैदान में उतारा है. बीते सोमवार को डिंपल यादव पर्चा दाखिल करने मैनपुरी पहुंची. नामांकन से पहले उन्होंने अपने ससुर स्व. मुलायम सिंह यादव को श्रद्धांजलि अर्पित की. इससे पहले कयास लगाए जा रहे थे कि बीजेपी यहां से मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू और बीजेपी नेता अपर्णा यादव को अपनी उम्मीदवार बना सकती है. हालांकि, इन अटकलों पर आज रघुराज सिंह शाक्य के नाम की घोषणा के साथ ही विराम लग गया है.

खतौली में मदन भैया और राजकुमारी सैनी के बीच टक्कर

भारतीय जनता पार्टी ने मुजफ्फरनगर की खतौली विधानसभा उपचुनाव के लिए राजकुमारी सैनी को अपना उम्मीदवार बनाया है. राजकुमारी सैनी विक्रम सिंह सैनी की पत्नी हैं. बीजेपी विधायक विक्रम की मुजफ्फरनगर दंगों में सजा होने के बाद सदस्यता समाप्त हो गई थी. ऐसे में बीजेपी ने अब पार्टी ने सैनी की पत्नी पर भरोसा जताया है. इस सीट पर सपा गठबंधन से आरएलडी ने मदन भैया को प्रत्याशी बनाया है. वहीं सपा ने रामपुर से अभी अपने प्रत्याशी के नाम का ऐलान नहीं किया है.

मैनपुरी लोकसभा सीट का जातीय समीकरण

मैनपुरी लोकसभा सीट पर अगर जातीय समीकरण की बात की जाए तो सर्वाधिक बाहुल्य यहां पर यादवों का है. इस सीट पर यादव मतदाता करीब सवा चार लाख की संख्या में है, और उसके बाद शाक्य मतदाता हैं, जिनकी संख्या करीब सवा तीन लाख हैं. यहां क्षत्रिय मतदाता सवा दो लाख, ब्राह्मण 110000 और दलित वोट करीब 120000 है. इसके अलावा मैनपुरी सीट पर एक लाख लोधी, 70000 वैश्य और 55000 मुस्लिम मतदाता भी है.

शाक्य वोटबैंक पर सपा और बीजेपी की नजर

इस सीट पर 2019 के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने प्रेम सिंह शाक्य को अपना प्रत्याशी बनाया था, लेकिन दूसरे नंबर पर शाक्य के बाहुल्य सीट होने के बावजूद बीजेपी प्रत्याशी अपना असर नहीं दिखा पाए और मुलायम सिंह यादव ने जीत हासिल की. अभी हाल ही में समाजवादी पार्टी ने मैनपुरी से आलोक शाक्य को जिला अध्यक्ष बनाया है. इससे मालूम पड़ता है कि समाजवादी पार्टी शाक्य वोट को अपनी तरफ खींचने की कोशिश में जुटी है. हालांकि, बीजेपी ने घुराज सिंह शाक्य के नाम का ऐलान कर सपा की रणनीति में सेंध लगा दी है. अब देखना दिलचस्प होगा कि मैनपुरी से कौन बाजी मारता है.

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By Sohit Kumar

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