Ayodha Ram Mandir: रामनवमी पर सूर्य देव करेंगे भगवान श्रीराम का अभिषेक, 6 मिनट तक दमकेगा प्रभु का ललाट

अयोध्या राम मंदिर की एक अनूठी विशेषता के बारे में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया. प्रत्येक नवमी को दोपहर 12 बजकर 6 मिनट पर सूर्य की किरणें राम लला के माथे को रोशन करेंगी. ऑप्टो मैकेनिकल सिस्टम के जरिए सूर्य की किरणों को रामलला की मूर्ति तक पहुंचाया जाएगा.

अयोध्या में राम मंदिर के गर्भगृह में सोमवार को श्री रामलला के नवीन विग्रह की प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न हुई. जिसके साक्षी देश-विदेश में लाखों भक्त बने. इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विशेष अनुष्ठान में हिस्सा लिया. राम मंदिर को भव्यता प्रदान करने के साथ-साथ वैज्ञानिक तरीके से भी तैयार किया जा रहा है. मंदिर को कुछ इस तरह डिजाइन किया गया है कि प्रत्येक रामनवमी को सूर्य देव प्रभु श्रीराम का अभिषेक करेंगे.

प्रत्येक रामनवमी को दोपहर 12 बजकर 6 मिनट में सूर्यदेव श्रीराम का करेंगे अभिषेक

बताया जा रहा है कि प्रत्येक नवमी को दोपहर 12 बजकर 6 मिनट पर सूर्य की किरणें राम लला के माथे को रोशन करेंगी. अयोध्या राम मंदिर की एक अनूठी विशेषता के बारे में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया.

श्रीराम की मूर्ति पर लगाया गया सूर्य तिलक

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया, श्रीराम की मूर्ति में सूर्य तिलक लगाया गया है. उस इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि हर साल ‘श्रीराम नवमी’ के दिन दोपहर के समय सूर्य की किरणें भगवान राम की मूर्ति के माथे पर लगभग 6 मिनट तक पड़ेंगी. राम नवमी, आमतौर पर मार्च-अप्रैल में हिंदू कैलेंडर के पहले महीने के नौवें दिन मनाई जाती है, जो भगवान विष्णु के सातवें अवतार भगवान राम के जन्मदिन का प्रतीक है.

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इस तकनीक के आधार पर होगी प्रभुराम की सूर्य तिलक

प्रत्येक रामनवमी को रामलला की मूर्ति पर सूर्य तिलक होगा. सूर्य की किरणें प्रतिमा के मस्तक पर तिलक करेंगी. इसके लिए खास तकनीक का इस्तेमाल किया गया है. जिसमें गर्भगृह के अंदर सूर्य की किरणें पहुंचेंगी और प्रभु राम का तिलक होगा. दरअसल तिलक के लिए मंदिर के तीसरे तल्ले से रामलला की मूर्ति तक पाइपिंग की गई है. ऑप्टो मैकेनिकल सिस्टम के जरिए सूर्य की किरणों को रामलला की मूर्ति तक पहुंचाया जाएगा.

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राम मंदिर पर भूकंप का भी नहीं होगा असर

राम मंदिर को कतनीकी रूप से इतना बेहतरीन बनाया गया है कि इसपर भूकंप के झटकों का भी असर नहीं होगा. बताया जा रहा है कि 6.5 रिक्टर भूकंप आने पर भी मंदिर को कोई नुकसान नहीं होगा. मंदिर 1000 वर्षों तक सुरक्षित रहेगा.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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