अयोध्या में राम जन्मभूमि पर बने रहे भव्य मंदिर में राम लला के ‘प्राण प्रतिष्ठा’ समारोह की तैयारी जोरों पर चल रही है. 22 जनवरी का इंतजार पूरे देश को है जब ‘प्राण प्रतिष्ठा’ समारोह किया जाएगा. इस बीच साल के पहले दिन यानी आज यूपी के अयोध्या में भगवान रामलला के दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगा हुआ है. एक भक्त ने न्यूज एजेंसी एनआई से बात की और कहा कि अब सिर्फ 21 दिन बचे हैं जब भगवान रामलला एक भव्य मंदिर में चले जाएंगे.
साढ़े तीन से चार हजार कारीगर तराश रहे राम मंदिर
आपको बता दें कि रामलला का आलौकिक मंदिर तैयार किया जा रहा है. इसे साढ़े तीन से चार हजार कारीगर तराशने में लगे हुए हैं. कारीगर-इंजीनियर रात दिन अपने राम लला की धाम को सधे हाथों से अद्भुत नक्काशी उकेर रहे हैं. मुख्य सड़क से करीब आधे किलोमीटर का मंदिर का मुख्य मार्ग राजस्थानी पत्थरों पर कलाकृतियों से जबरदस्त भव्यता दे रहा है जिसकी तारीफ करते लोग नहीं थक रहे हैं. रामलला के मंदिर को पूरा हाइटेक बनाया जा रहा है. सुरक्षा के मंदिर में व्यापक प्रबंध रहेंगे. हजारों सीसीटीवी कैमरा एक-एक आने जाने वालों पर पैनी नजर रखेगी. इसके लिए देश के तकनीकी विशेषज्ञों की पूरी टीम काम में लगी हुई है.
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच रामलला के नेत्रों से पट्टी खोला जाएगा
अयोध्या के राम मंदिर को अंतिम स्वरूप देने के सााथ-साथ प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम को भी फाइनल किया जा रहा है. अनुष्ठान के अंतिम दिन सबसे पहले रामलला स्वयं आइने में अपनी छवि निहारेंगे. भगवान को यह दर्पण पीएम नरेंद्र मोदी दिखायेंगे. बताया जा रहा है कि इससे पहले मोदी वैदिक मंत्रोच्चार के बीच रामलला के नेत्रों से पट्टी खोलेंगे, उन्हें सोने के सिक्के से काजल लगायेंगे और पंचोपचार पूजन कर आरती उतारेंगे. प्राण प्रतिष्ठा के दौरान गर्भगृह में केवल पांच लोग रहेंगे. पीएम मुख्य यजमान होंगे. संघ प्रमुख मोहन भागवत, उप्र की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, सीएम योगी आदित्यनाथ व मुख्य आचार्य भी इसमें शामिल होंगे.
सोने से मढ़ा जा रहा प्रभु श्रीराम का सिंहासन
प्रभु रामलला के विग्रह के लिए बनाये गये सिंहासन को सोने से मढाने का काम किया जा रहा है. तीन फीट ऊंचा और आठ फीट चौड़ा यह सिंहासन मकराना संगमरमर से तैयार किया गया है. इस पर सोने की परत चढ़ाने के लिए विशेष तकनीक से तांबे का मूल ढांचा तैयार किया गया है.
