मामला हाईलाइट होने के बाद एम्स प्रशासन ने लिफ्ट फंसने की जांच की शुरू, सर्व‍िस प्रोवाइडर को लिखा पत्र

एम्स की ओपीडी में लिफ्ट तो है लेकिन अभी तक उसमें लिफ्टमैन नहीं है. यह एक बड़ा सवाल एम्स प्रशासन के ऊपर खड़ा करता है क्योंकि एम्स में दूरदराज से और गांव से मरीज और तीमारदार आते हैं. सभी को लिफ्ट की जानकारी नहीं होती है. अभी तक एम्स प्रशासन ने ओपीडी के लिस्ट में लिफ्टमैन की तैनाती क्यों नहीं की?

Gorakhpur AIIMS News: गोरखपुर के एम्स के ओपीडी में लिफ्ट फंसने के मामले में एम्स प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है. एम्स की ओपीडी में शुक्रवार को लिफ्ट खराब हो जाने की वजह से लिफ्ट के अंदर 10 रोगी व तीमारदार फंस गए. इससे उनकी हालत खराब हो गई थी. एक महिला की हालत इतनी खराब हो गई कि उसे चक्कर आ गया और वह जमीन पर लेट गई. एम्स की ओपीडी में लिफ्ट तो है लेकिन अभी तक उसमें लिफ्टमैन की तैनाती नहीं है. यह एक बड़ा सवाल एम्स प्रशासन के ऊपर खड़ा करता है क्योंकि एम्स में दूरदराज से और गांव से मरीज और तीमारदार आते हैं. सभी को लिफ्ट की जानकारी नहीं होती है. इसके बावजूद अभी तक एम्स प्रशासन ने ओपीडी के लिस्ट में लिफ्टमैन की तैनाती क्यों नहीं की?

लिफ्टमैन भी संस्थान ने तैनात नहीं किया

एम्स प्रशासन ने अपनी कमियां छिपाने के लिए लिफ्ट फंसने के मामले की जांच शुरू कर दी है. कार्यदाई संस्था हाइट्स को पत्र लिखकर यहां नाराजगी व्यक्त की गई है. गार्ड व कर्मचारियों को बुलाकर पूछताछ की गई है. उन्हें ऐसी स्थिति में सतर्क रहने का निर्देश भी दिया गया है. गोरखपुर एम्स शहर का उत्कृष्ट चिकित्सा शिक्षा संस्थान है यहां ज्यादातर गंभीर रोगी पहुंचते हैं. अचानक लिफ्ट खराब होने से उसमें फंसे 10 लोगों को निकालने में आधे घंटे लग जाना बड़ी लापरवाही मानी जा रही है. स्थिति यह है कि लिफ्टमैन भी संस्थान ने तैनात नहीं किया था. पूरी व्यवस्था गार्डों को सौंप दी गई है.

सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही

अब जब पूरा मामला सामने आने पर एम्स प्रशासन ने जांच बैठाई है. कार्यकारी निदेशक डॉ सुरेखा किशोर व प्रशासनिक अधिकारी भूपेंद्र चंद्र ने कर्मचारियों की मीटिंग भी बुलाई जिसमें लिफ्ट खराब होने और उसमें फंसे लोगों को बाहर निकालने में लगे अधिक समय पर कर्मचारियों को खरी-खोटी भी सुनाई है. इसकी जांच की जा रही है कि लिफ्ट की खराबी का कारण क्या था और गार्डों ने लिफ्ट से आ रही कॉल को रिसीव करने में विलंब क्यों किया चाबी रखने की जिम्मेदारी किसकी थी और उसने क्यों लापरवाही बरती इन सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है.

Also Read: गोरखपुर में दुर्गा पूजा और दशहरा को देखते हुए प्रशासन ने बदली ट्रैफ‍िक व्‍यवस्‍था, पढ़ें काम की खबर

रिपोर्ट : कुमार प्रदीप

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat khabar news desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >